फिलहाल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
- फोटो : Demo pic
हरीश रावत सरकार के बहुमत साबित करने के लिए 28 मार्च को आहूत विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान सुरक्षा घेरे को और मजबूत करने की तैयारी है। इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को दूर रखने की तैयारी है।
सड़कों पर पुलिस सतर्क रहेगी, ताकि भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में उलझ न पाएं। सरकार भी चाहती है कि किसी तरह की कानून व्यवस्था की समस्या ना हो, ताकि विपक्ष को घेरने का मौका न मिले सके।
इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. सदानंद दाते ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर विधानसभा के सुरक्षा प्रबंधों पर मंथन किया। विधानसभा का बजट सत्र स्थगित होने के बाद 18 मार्च को जिस तरह से भाजपा और कांग्रेस समर्थक अंदर घुस आए थे, इससे सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल उठने लगे थे।
मंत्री और विधायकों के गनर को भी सदन से बाहर रखने की तैयारी
हरीश रावत
- फोटो : file photo
इस बार 28 मार्च को होने वाला सत्र हरीश रावत सरकार के भाग्य का फैसला करेगा। कांग्रेस और भाजपा के बीच खिंची तलवारें किसी से छिपी नहीं हैं। ऐसे में सदन में गहमागहमी की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
यही वजह है कि पुलिस की तैयारी पहले के मुकाबले ज्यादा पुलिस बल लगाने की है, ताकि किसी भी दल के कार्यकर्ता विधानसभा के अंदर प्रवेश न कर सकें। मंत्री और विधायकों के गनर को भी सदन से बाहर रखने की तैयारी है।
विशेष सत्र के अलावा पुलिस को 28 मार्च से शुरू होने वाले झंडा मेले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की चुनौती है। एक अप्रैल को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी पहुंच रहे हैं। सदन और वीआईपी की सुरक्षा के संबंध में खाका तैयार किया गया है।
एसपी सिटी अजय सिंह, एसपी ट्रैफिक धीरेन्द्र गुंज्याल, सीओ सिटी मनोज कत्याल, सीओ सदर दीप्ति भट्ट, सीओ डालनवाला अरुण पांडेय आदि प्रमुख रुप से बैठक में उपस्थित रहे।