सोनी टीवी पर आने वाले चर्चित डांस कार्यक्रम बुगी-वुगी में दो बार के विजेता रहे युवक को पुलिस ने दुराचार के मुकदमे में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
युवक पर आरोप है कि उसने कालगर्ल के साथ दुराचार किया और रकम अदा करने को लेकर हुए विवाद के बाद दूसरों को फंसाने का प्रयास किया, लेकिन कोर्ट में युवती के बयान के बाद आरोपी युवक बेनकाब हो गया।
बुगी-वुगी का डांसर
कोर्ट में बयान के बाद कालगर्ल बांग्लादेशी युवती को नारी निकेतन भेज दिया गया। घटनाक्रम के अनुसार गत चार अगस्त को एसपी ग्रामीण ममता वोहरा के पास एक युवक आया।
उसने अपना परिचय बुगी वुगी विजेता और राष्ट्रीय कांग्रेस बाबू जगजीवन राम पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष नवदीप रामानंद बताया। उसके साथ एक युवती भी आई थी।
संग लाया कॉलगर्ल
रामानंद ने एसपी वोहरा को बताया कि उसके साथ आई युवती बांग्लादेशी है और मजबूरन देह व्यापार में धकेली गई है। दून में तीन युवक उसे जबरन देह व्यापार का काम करा रहे हैं।
रामानंद ने पुलिस को बताया कि वह एक राजनैतिक दल का पदाधिकारी है, इसलिए जैसे ही उसे इस बात की जानकारी हुई कि सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में एक पीड़ित बांग्लादेशी युवती को बेचा जा रहा है।
दलालों से किया सौदा
वह सामने आया और दलालों से उस युवती का सौदा कर लिया। सौदा होने के बाद वह युवती को सीधे एसपी ग्रामीण के पास लेकर आया, ताकि वहां से उसका पुनर्वास हो सके।
युवती के केवल बंग्ला-भाषी होने के कारण उस समय पुलिस उसके बयान नहीं ले सकी। एसपी ग्रामीण के निर्देश पर थाना बसंत विहार में तीनों दलाल पिंकी, जौनी और सागर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन जब पुलिस ने लड़की के कोर्ट में दिए बयान का बांग्ला में अनुवाद कराया तो पूरी कहानी बदल गई।
डांसर निकला दुराचारी
युवती ने पुलिस को बताया कि रामानंद उसकी कोई मदद नहीं कर रहा है, बल्कि उसने उसके साथ दो बार दुराचार किया। जब उसके दलालों ने उसकी कीमत रामानंद से मांगी तो दोनों में विवाद हो गया।
युवती के बयान पर पुलिस ने बसंत विहार थाने में रामानंद के खिलाफ दुराचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और सोमवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया।