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उत्तराखंड पर दिल्ली में हलचल तेज, राष्ट्रपति से मिले बीजेपी-कांग्रेस

Mon, 21 Mar 2016 11:04 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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भाजपा प्रतिनिधिमंडल में कैलाश विजयवर्गीय समेत बड़े नेता शामिल रहे। - फोटो : AmarUjala
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उत्तराखंड की सत्ता में मची हलचल के बीच भाजपा और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार शाम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से बारी-बारी मुलाकात की। दोनों दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति के सामने प्रदेश के हालात पर अपना-अपना पक्ष रखा।
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सोमवार शाम बीजेपी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपत‌‌ि से म‌िलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय आद‌ि शामिल रहे। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मांग की कि वे राज्यपाल को अल्पमत की सरकार को भंग करने का निर्देश दें।

बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर बताया कि विधानसभा में बजट गिरने के बाद प्रदेश की कांग्रेस सरकार बहुमत खो चुकी है। कांग्रेस के नौ विधायकों ने सदन में बजट का विरोध करते हुए वोटिंग की मांग की। लेकिन नियमों को दरकिनार करते हुए बजट पारित करा दिया गया। बताया कि इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई है।
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दरअसल उत्तराखंड में राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री हरीश रावत को बहुमत साबित करने के लिए 28 मार्च तक का समय देने के बाद भाजपा और बागियों की चिंता बढ़ गई है। इस बीच यह भी खतरा है ‌कि बागी कहीं कांग्रेस से हाथ न मिला लें। इसी बीच देर शाम बीजेपी नेताओं का दल राष्ट्रपति से मिलने पहुंचा।

'केंद्र की मदद से राज्य सरकार को अस्थिर कर रही बीजेपी'

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल - फोटो : AmarUjala
वहीं भाजपा नेताओं के मुलाकात के बाद वरिष्ठ नेता गुलामनबी आजाद की अगुवाई में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी राष्ट्रपति भवन पहुंचा। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ट नेता गुलामनबी आजाद, कपिल सिब्बल, अंबिका सोनी, एके एंटनी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद पत्रकारों से वार्ता में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जबरन विधायकों को जबरन उनकी मर्जी के खिलाफ राज्यपाल के सामने पेश किया। कांग्रेस नेता गुलामनबी आजाद ने कहा कि भाजपा केंद्र सरकार की मदद से उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार को अ‌स्थिर करने का प्रयास कर रही है। वहीं कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मुख्यमंत्री हरीश रावत को 28 मार्च को विश्वास मत हासिल करने का समय देने की मांग की।

गौरतलब है कि उत्तराखंड विधानसभा में विनियोग बिल पारित के दौरान कांग्रेस के विधायकों ने ही बिल का विरोध कर दिया था। इनमें निवर्तमान कृषि मंत्री हरक सिंह रावत और पूर्व सीएम विजय बहुगुणा समेत नौ विधायक शामिल थे। उसके बाद ये 9 विधायक भाजपा विधायकों के साथ राज्यपाल के पास पहुंचे और सरकार को बर्खास्त करने की मांग की थी। बागी हुए 9 विधायक अब तक भाजपा के साथ ही खड़े हैं। हालांकि उत्तराखंड के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को आगामी 28 तारीख को विश्वासमत साबित करने का समय दिया है।
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बीजेपी ने निकाला मार्च, कोई बागी नहीं आया

हरक सिंह रावत - फोटो : file photo
इसके पहले बीजेपी ने विजय चौक पर मार्च निकाला। इसके बाद भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन के लिए चला गया।  भाजपा द्वारा निकाले गए मार्च में कांग्रेस से बगावत करने वाले विधायकों में से कोई मौजूद नहीं रहा। 

उधर, हरक सिंह रावत ने राज्यपाल केके पॉल को पत्र लिखकर उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत को बहुमत सिद्घ करने के लिए 28 मार्च तक का समय देने पर असहमति जताई है।

हरक ने अपने पत्र में कहा ‌है कि हरीश रावत को बहुमत सिद्घ करने के लिए इतना अधिक समय न दिया जाए। इससे खरीद फरोख्त की राजनीति को बल मिलेगा
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