पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और निवर्तमान कृषि मंत्री हरक सिंह रावत की अगुवाई में हुई बगावत को भाजपा ने कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया है। भाजपा के निशाने पर अब विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान का कहना है कि सत्ताधारी दल के अंदर बगावत रोकना विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष ने विनियोग बिल को अल्पमत पर पारित कर दिया है। यह असंवैधानिक तरीका है। भाजपा इसका विरोध कर रही है। संवैधानिक मशीनरी ध्वस्त हो गई है, इसलिए राज्यपाल से सरकार बर्खास्त करने की मांग की गई है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने प्रदेश में राजनीतिक संकट के लिए विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को अहम किरदार बताया। सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में चौहान ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री बगावत के लिए जिम्मेदार हैं। उनका अहंकार और दूसरों को मूर्ख समझने की प्रवृत्ति से यह स्थिति पैदा हुई है।