बागेश्वर। कपकोट तहसील क्षेत्र के पुलिस और सेना में भर्ती होने के इच्छुक युवाओं के लिए खुशखबरी है। केदारेश्वर मैदान में मंगलवार से निशुल्क भर्ती प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होने जा रहा है। शिविर में पात्र युवाओं को 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक दक्षता के अलावा कक्षा का संचालन कर लिखित परीक्षा की भी तैैयारी कराई जाएगी। आज से शुरू होने वाले पहले बैच में 200 युवा भागीदारी करेंगे।
15 दिन बाद दूसरे बैच का प्रशिक्षण शुरू होगा। सेना भर्ती प्रशिक्षण शिविर का आयोजन उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश सिंह मर्तोलिया की ओर से कराया जा रहा है। शिविर का प्रबंधन संभाल रहे सामाजिक कार्यकर्ता सुंदर देव ने बताया कि शिविर में भाग लेने के लिए नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 400 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
10 अगस्त की सुबह सभी युवाओं को केदारेश्वर मैदान में बुलाया गया है, जहां फॉर्म भरवाने के बाद पहले बैच के लिए युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर चिकित्सा परीक्षण करेंगे। इसके बाद उनका प्रशिक्षण शुरू कराया जाएगा। युवाओं को पूर्व सैनिक, पुलिस कर्मचारी और पीटीआई शिक्षक शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण देंगे।
सेना और पुलिस के पूर्व अधिकारी कक्षावार युवाओं को प्रतियोगी लिखित परीक्षा की तैयारी कराते हुए सामान्य ज्ञान और अन्य उपयोगी प्रश्न तैयार कराएंगे। शिविर के दौरान कपकोट थाने के पुलिस अधिकारियों को भी युवाओं के मार्गदर्शन के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
दूरस्थ क्षेत्र के युवाओं को मिलेगी आवास सुविधा
बागेश्वर। सेना भर्ती प्रशिक्षण शिविर में भागीदारी करने वाले दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले युवाओं को निशुल्क आवास सुविधा भी दी जाएगी।
सामाजिक कार्यकर्ता सुंदर देव ने बताया कि शिविर के दौरान सभी प्रतिभागियों के भोजन का प्रबंध भी किया गया है। दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले युवाओं को आवासीय सुविधा के साथ सुबह का नाश्ता, दोपहर और शाम का भोजन भी दिया जाएगा। सेना-पुलिस भर्ती प्रशिक्षण शिविर में भागीदारी के लिए प्रतिभागी का इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के 18-22, महिला वर्ग के 18-25 और अनुसूचित वर्ग के 18-27 वर्ष तक के युवा शिविर में प्रतिभाग कर सकेंगे।
तैयारियों को दिया अंतिम रूप
बागेश्वर। भर्ती प्रशिक्षण शिविर के लिए सोमवार को आयोग उपाध्यक्ष मर्तोलिया और उनकी टीम ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया। बैठक में 15 दिन की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई। केदारेश्वर मैदान का निरीक्षण भी किया गया। मर्तोलिया ने बताया कि उनका यह कदम क्षेत्र के युवाओं को बेहतर तैयारी कराने के लिए है। उम्मीद है कि युवा इस शिविर का लाभ उठाकर अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे।