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दो महीने से पेयजल संकट का सामना कर रहे चामी गांव के 70 परिवार

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बागेश्वर के चामी गांव के नौले से बूंद-बूंद पानी एकत्र करतीं महिलाएं और बच्चे। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिला मुख्यालय से 10 किमी की दूरी पर स्थित चामी गांव में दो महीने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लिए आने वाली पाइप लाइन मोटर मार्ग निर्माण के दौरान गिरने वाले मलबे से क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीण प्राकृतिक स्रोतों से प्यास बुझा रहे हैं। नौले पर पानी भरने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द पेयजल संकट दूर करने की मांग की है।
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चामी गांव में करीब 70 परिवार निवास करते हैं। ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति सुचारु कराने के लिए जल संस्थान ने नरगोल गधेरे से पेयजल योजना का निर्माण किया है। दो महीने से योजना की पाइप लाइन टूटने के कारण आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों का कहना है कि सात-रतबे से गिरेछीना के लिए लोक निर्माण विभाग सड़क का निर्माण करा रहा है। सड़क कटान के दौरान मलबा गिरने से योजना के पाइप टूट गए हैं और ग्रामीणों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पानी की आपूर्ति ठप होने के कारण लोग प्राकृतिक स्रोतों से पानी जुटा रहे हैं। नौले और धारे में पानी के लिए लंबा इंतजार करने के कारण रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। चामी के पूर्व ग्राम प्रधान महीप किशोर पांडेय, सुंदर लाल, हेम राम, जगदीश राम, मुन्नी पांडेय, दीपा पांडेय, ख्याली राम, जीवन राम आदि ने जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर आंदोलन करने की चेेतावनी दी है।
सड़क कटान से पेयजल लाइन के टूटने की सूचना मिली है। लोनिवि ने बिना सूचित किए ही पेयजल लाइन के समीप मलबा फेंका और लाइन टूटने की सूचना तक नहीं दी। विभाग से लोनिवि को लाइन की मरम्मत के लिए पत्र भेजा जा रहा है। लाइन की मरम्मत होने तक वैकल्पिक व्यवस्था कर ग्रामीणों को पानी मुहैया कराया जाएगा।
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सीएस देवड़ी, ईई, जल संस्थान बागेश्वर
पानी नहीं आया तो जल संस्थान का घेराव करेंगे ब्लॉक प्रमुख
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। ब्लॉक के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति न होने से परेशान पंचायत प्रतिनिधियों में भी इसे लेकर भारी आक्रोश है। खीरो घाटी पंपिंग पेयजल योजना में भी तीन दिन से पानी नहीं आ रहा जबकि तिपौला स्थित पंपिंग योजना की मोटर खराब होने से इससे लाभान्वित दो दर्जन से अधिक गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। ब्लाक प्रमुख दीपक किरौला ने पानी के मुद्दे को लेकर मोर्चा खोलते हुुए शीघ्र ही जल संस्थान कार्यालय घेरने की चेतावनी दी है।
तिपौला पंपिंग योजना का मोटर खराब होने से असगोली, बसेरा, धन्यारी, किरोली आदि गांवों में पेयजल संकट बढ़ गया है। ब्लॉक प्रमुख दीपक किरौला के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों का दल जल संस्थान कार्यालय गया लेकिन जेई अवकाश पर थे तो वहां मौजूद कर्मचारियों को ही ज्ञापन सौंप दिया। कहा कि क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है लेकिन जल संस्थान के अधिकारी कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं। द्वाराहाट नगर की खीरो घाटी पंपिंग पेयजल भी एक मोटर के सहारे चल रही है। उन्होेंने कहा क यदि शीघ्र व्यवस्थाएं सुचारु नहीं हुई तो वृहद आंदोलन के साथ जल संस्थान कार्यालय का घेराव होगा। ज्ञापन देने वालों में धन्यारी प्रधान प्रकाश अधिकारी, असगोली प्रधान दीवान सिंह अधिकारी, बसेरा की बसन्ती देवी, किरोली के गिरधर सिंह, दयाल सिंह, खीमपुरी, ललित भंडारी आदि थे।
अखेती पंप हाउस की दोनों मोटरें फिर फुंकी
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। रामगंगा नदी पर बनी अखेती पंप हाउस की दोनों मोटर रविवार शाम फिर फुंक गई हैं। सोमवार को चौखुटिया सहित कई गावों में पेयजल की आपूर्ति ठप रही। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दोनों मोटरों को मरम्मत के लिए काशीपुर भेजा गया है, फिलहाल मंगलवार को भी पानी नही आएगा।
बार-बार मोटर फुंकने से लोगों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों ने पेयजल आपूर्ति को मजाक बनाकर रख दिया है। पंप आपरेटरों ने बताया कि अखेती पंप हाउस में 40 एचपी की मोटर लगी है। ढाई लाख लीटर क्षमता की टंकी को भरने में छह से सात घंटे तक का समय लग रहा है। समय ज्यादा लगने से कभी बिजली गुल हो जाती है तो कभी अन्य समस्या पैदा हो जाती है। स्थायी समाधान के लिए पंप में 60 अथवा 80 एचपी की मोटर लगनी जरूरी है।
मोटर की क्षमता बढ़ाने से कुछ हद तक दिक्कत जरूर दूर होगी लेकिन इसके लिए पंप हाउस का बेस, वाल्व और पाइप आदि बदलना पड़ेगा। सभी कामों के लिए बजट के साथ ही पर्याप्त समय भी चाहिए। दोनों मोटरों के फिर से फुंक जाने से पेयजल आपूर्ति मंगलवार को भी नही हो पाएगी। संभवत: बुधवार तक पानी आ जाएगा।
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बालम सिंह बिष्ट, जेई जल संस्थान, चौखुटिया
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