बागेश्वर के मंडलसेरा में हैंडपंप से पानी जुटाती महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। नगर में पेयजल मुहैया कराने के लिए कई योजनाएं बनी हैं। बावजूद इसके 2.87 एमएलडी पानी की कमी बनी है। नगर क्षेत्र की रोजाना की मांग 5.6 एमएलडी है लेकिन आपूर्ति केवल 2.73 एमएलडी हो रही है। वर्तमान में जखेड़ा, कठायतबाड़ा पंपिंग, अमसरकोट सहित करीब आधा दर्जन पेयजल योजनाओं के माध्यम से नगरवासियों को पानी की आपूर्ति की जाती है लेकिन अधिकांश योजनाएं पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। घरों तक क्षमता के अनुसार पानी नहीं पहुंच रहा है।
नगर की आबादी में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद नई योजनाओं का विस्तार नहीं होने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। नगर की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए मंडलसेरा में पंपिंग योजना का निर्माण किया जा रहा है। योजना में लंबे समय से कार्य चल रहा है लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। मंडलसेरा में एक सोलर हैंडपंप की स्थापना भी की जानी है। वहीं, पेयजल संकट से निजात पाने के लिए मंडलसेरा और बाजार क्षेत्र के लोगों की निर्भरता सैनोला धारे पर बढ़ गई है। बिलौना, सैंज और बड़ेत क्षेत्र के लोग मांग धारे से पानी जुटा रहे हैं। तहसील मार्ग, आरे-मंडलसेरा बाईपास सहित कई स्थानों पर हैंडपंपों पर भी पानी भरने के लिए लोगों की लाइन लग रही है।
इधर, जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी ने कहा कि नई योजनाओं के निर्माण का काम चल रहा है। मंडलसेरा पेयजल योजना का निर्माण होने के बाद नगर की पेयजल किल्लत से निजात मिल जाएगी। फिलहाल नगर में जल संकट से जूझने के लिए विभाग ने टैंकरों की व्यवस्था की है।