बागेश्वर के तहसील रोड स्थित हैंडपंप में रात को पानी भरते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। जिला मुख्यालय में पेयजल संकट गहराने लगा है। जल स्रोतों में पानी का स्तर गिरने से लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। प्राकृतिक जलस्रोत और हैंडपंप से लोग पानी जुटा रहे हैं। हैंडपंप में रात तक लोग पानी भरने के लिए कतार लगाने को मजबूर हैं।
जिला मुख्यालय में आधा दर्जन से अधिक पेयजल योजनाएं संचालित हैं, बावजूद इसके लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पाता है। नगरपालिका क्षेत्र में रोजाना 5.50 एमएलडी पानी की आवश्यकता पड़ती है लेकिन वर्तमान में चल रही योजनाओं से मात्र 2.77 एमएलडी पानी ही मिल पाता है। मंडलसेरा में लंबे समय से बन रही पंपिंग योजना का काम लंबे समय से अधर में लटका है। नगर की सबसे पुरानी जखेड़ा पेयजल योजना का जीर्णोद्घार का कार्य भी घोषणा के बाद आगे नहीं बढ़ सका है। गर्मी बढ़ने के बाद जखेड़ा, अमसरकोट पेयजल योजनाओं के स्रोतों का जलस्तर कम हो गया है, जिसके कारण इन योजनाओं से पानी की आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और लोगों के हैंडपंप और प्राकृतिक स्रोतों से पानी जुटाना पड़ रहा है।
पेयजल योजनाओं के जलस्तर में गिरावट आने से दिक्कत है। बावजूद, इसके लोगों को भरपूर पानी देने का प्रयास किया जा रहा है। कहीं-कहीं रोस्टर के अनुसार पानी वितरित किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर लोग पेयजल का उपयोग सिंचाई के लिए कर रहे हैं, ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान बागेश्वर