बागेश्वर। कठपुड़ियाछीना में दो साल से बंद आईटीआई के दोबारा संचालन की अनुमति मिल गई है। शासन ने इस शैक्षिक वर्ष के लिए सिलाई-कढ़ाई विषय के 20 सीटों पर प्रवेश की अनुमति दे दी है। इसके लिए 15 दिसंबर तक प्रवेश आवेदन पत्र बंटेंगे। कठपुड़ियाछीना जन संघर्ष समिति ने इस पर खुुशी जताई है।
कठपुड़ियाछीना में वर्ष 2011 में तीन विषयों के साथ आईटीआई की शुरुआत हुई थी। वर्ष 2018 तक आईटीआई का सफल संचालन किया गया और क्षेत्रीय युवाओं को इसका भरपूर लाभ मिला।
वर्ष 2019 में आईटीआई को छात्र संख्या में कमी का हवाला देकर बंद कर दिया। इसके बाद क्षेत्रीय लोगों और कठपुड़ियाछीना जन संघर्ष समिति ने लगातार शासन-प्रशासन पर दबाव बनाया।
समिति के सदस्यों ने डीएम, विधायक, सीएम को ज्ञापन भेजे, कई बार धरना-प्रदर्शन भी किए। आईटीआई के संचालन के लिए निशुल्क जमीन देने का भी प्रस्ताव दिया। क्षेत्रीय जनता के लगातार दबाव के बाद शासन ने आईटीआई के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी है।
कठपुड़ियाछीना जनसंघर्ष समिति ने आईटीआई का दोबारा संचालन शुरू होने पर बैठक कर खुशी जता इसे संघर्ष का सुखद परिणाम बताया। सदस्यों ने क्षेत्रीय विधायक और मुख्यमंत्री का आभार भी जताया है।
समिति के अध्यक्ष रावत ने बताया कि आईटीआई भवन के लिए क्षेत्र के लोग निशुल्क जमीन देने को तैयार हैं। इसके लिए भूमि का चयन कर ग्रामीणों से एनओसी भी मिल गई है।
इसे डीएम और शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द भवन निर्माण की कार्यवाही आगे बढ़ाने की मांग की। बैठक में देवी दत्त मिश्रा, महेश चंद्र मिश्रा, एनके मिश्रा, शंभू दत्त मिश्रा, कमलाकांत मिश्रा, चंदन वर्मा, प्रकाश मिश्रा, हेम तिवाड़ी आदि रहे।