बागेश्वर। वन विभाग ने जुल्किया रेंज में जंगल जला रहे तीन नाबालिगों को रंगे हाथों पकड़ा। बाद में पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाकर तीनों को अभिभावकों के मुचलके पर छोड़ा। विभागीय अधिकारियों ने किशोरों को भविष्य में इस तरह की घटना नहीं करने की सख्त चेतावनी दी है। किशोरों की लगाई आग से .25 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गया है।
बृहस्पतिवार की दोपहर को अचानक जौलकांडे से लगा जुल्किया रेंज का जंगल धधकने लगा। वन विभाग के मास्टर कंट्रोल रूम को ग्रामीणों ने वनाग्नि की सूचना दी। तत्काल कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों ने जौलकांडे के मॉडल क्रू स्टेशन को जानकारी दी और जल रहे जंगल की लोकेशन बताई। मॉडल क्रू स्टेशन में तैनात इंचार्ज रमेश बलसूनी के नेतृत्व में वन रक्षक मुन्नी कठायत और छह फायर वॉचरों की टीम तत्काल आग बुझाने को रवाना हुई। मौके पर पहुंची टीम को जौलकांडे गांव के तीन किशोर आग लगाते मिले। कर्मचारियों ने तीनों को अपने संरक्षण में ले लिया। जानकारी होने पर रेंजर श्याम सिंह करायत भी अन्य कर्मचारियों को लेकर मौके पर गए और आग बुझाने में सहयोग किया। हालांकि, तब तक जंगल का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ चुका था। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने आग को काबू किया।
रेंजर करायत ने पकड़े गए किशोरों के अभिभावकों को मौके पर बुलाया और जानकारी दी। उन्होंने तीनों नाबालिगों पर जुर्माना लगाते हुए अभिभावकों से बच्चों को जागरूक करने को कहा ताकि फिर से इस तरह की घटना न हो। जौलकांडे के ग्राम प्रधान की मौजूदगी में रेंजर करायत ने कहा कि क्षेत्र में भविष्य में वनाग्नि की घटना हुई तो इन किशोरों से भी पूछताछ की जाएगी।
वनाग्नि की 63 घटनाओं में 89 हेक्टेयर जंगल खाक
बागेश्वर। जिले में वनाग्नि की घटनाएं बढ़कर 63 हो गई हैं। आग से 89 हेक्टेयर से अधिक जंगल जलकर खाक हो गया है और पौने तीन लाख रुपये का नुकसान भी हुआ है। अब तक जिला मुख्यालय के थापली, जौलकांडे, छतीना, बिलखेत, गरुड़ में बैजनाथ रेंज, धरमघर रेंज, कपकोट के पुंगर और कांडा के कई जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं।
जंगलों को आग लगाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जुल्किया रेंज के जंगल जलाते पकड़े गए नाबालिगों को जुर्माने और सख्त चेतावनी के बाद छोड़ा गया है। विभाग लगातार जंगलों की मानीटरिंग कर रहा है। आग बुझाने के साथ लोगों को वनाग्नि सुरक्षा के लिए जागरूक किया जा रहा है।
श्याम सिंह करायत, रेंजर बागेश्वर