बागेश्वर। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेंटर मशीन लगकर तैयार है लेकिन अब तक इसका संचालन नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि सीटी स्कैन का शुभारंभ एटॉमिक रिसर्च सेंटर (नाभिकीय ऊर्जा नियंत्रण संगठन) मुंबई की एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) न मिलने के कारण अटक गया है।
वर्ष 2021 में बागेश्वर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय की पहल पर विश्वबैंक ने पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए। वर्ष 2022 में सीटी स्कैन सेंटर निर्माण का जिम्मा ईएचआई कंपनी को दिया गया। कई माह पहले जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेंटर बन गया है लेकिन अब तक इसका संचालन नहीं हुआ है।
कार्यदायी संस्था ने एटॉमिक रिसर्च सेंटर से एनओसी मांगी है। अब न तो कार्यदायी संस्था और न स्वास्थ्य विभाग ही इस मामले में गंभीर दिख रहा है। इस मामले में जनप्रतिनिधि भी उदासीन दिखाई दे रहे हैं। कार्यदायी संस्था के लोग इस संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
गंभीर घायलों को रेफर करना मजबूरी
बागेश्वर। बागेश्वर जिला आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। पहाड़ियों से गिरकर घायल होने के मामले अक्सर सामने आते हैं। गंभीर रूप से घायल, खासकर सिर की चोट का इलाज बागेश्वर में नहीं हो पाता। सीटी स्कैन के लिए हल्द्वानी रेफर करना पड़ता है। सीटी स्कैन सेंटर का शुभारंभ हो जाता तो गंभीर रूप से घायलों का इलाज जिला अस्पताल में ही संभव हो जाता। संवाद
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेंटर की स्थापना मेरे पति दिवंगत मंत्री चंदन राम दास जी के प्रयासों से हुई है। इसका शुभारंभ जल्द से जल्द कराने का प्रयास किया जाएगा।- पार्वती दास विधायक बागेश्वर।
सीटी स्कैन सेंटर को एनओसी दिलाने के लिए गंभीरता से प्रयास किया जाएगा। जल्द इसका शुभारंभ कराया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सरकार के सामने यह मामला उठाया जाएगा। -सुरेश गढि़या, विधायक कपकोट