बागेश्वर। समाज के लिए कुछ करने का जज्बा किसी से सीखा नहीं जाता, यह भाव मन के भीतर होना बेहद जरूरी है। अमस्यारी गांव के युवा मोहित जोशी ने इस बात को चरितार्थ किया है, जिस स्कूल में उनकी मां कभी भोजन माता के पद पर काम करती थीं, उसी स्कूल के विकास में मोहित ने 1.15 लाख रुपये खर्च किए। अटल आदर्श विद्यालय राइंका अमस्यारी से हाईस्कूल तक की पढ़ाई करने वाले मोहित ने अपने कार्य से शिक्षार्थ आइए, सेवार्थ जाइए के वाक्य को साकार किया है।
वर्तमान में दिल्ली निजी कंपनी में कार्यरत मोहित का बचपन बेहद गरीबी में बीता था। उनके पिता स्व. खीमानंद जोशी के निधन के बाद उनकी माता पुष्पा देवी ने राइंका अमस्यारी में भोजनमाता के रूप में कार्य करते हुए अपने बच्चों की परवरिश की। मोहित ने भी इसी स्कूल से वर्ष 2010 में हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। मां के दिए संस्कार और विद्यालय के प्रति लगाव स्कूल छोड़ने के बाद भी मोहित के मन में रहा। शिक्षा पूरी करने के बाद जब उन्हें दिल्ली में एक निजी कंपनी में अच्छी नौकरी मिलने के बाद वह अपनी मां को भी साथ ले गए। प्रभारी प्रधानाचार्य हरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मोहित ने विद्यालय के विकास में योगदान देने की इच्छा जताई। विद्यालय प्रशासन ने उनसे खेल मैदान के चौड़ीकरण का आग्रह किया, जिसे मोहित ने सहर्ष स्वीकारा और वर्तमान में उनकी सहायता से मैदान का चौड़ीकरण का काम अंतिम चरण पर पहुंच गया है।
अमस्यारी के ग्रामीणों का भी मिला सहयोग
बागेश्वर। राइंका अमस्यारी के विकास में अमस्यारी के ग्रामीणों का भी अहम योगदान रहा है। ग्रामीणों की सहायता से विद्यालय के पास वर्तमान में 32 नाली की भूमि है। प्रधानाचार्य नेगी बताते हैं कि पूर्व में 15 नाली जमीन थी, जिसमें केवल पांच नाली स्कूल के नाम पंजीकृत थी। अटल आदर्श विद्यालय की मान्यता के समय ग्रामीणों ने 17 नाली जमीन दान दी और पूर्व की 10 नाली जमीन भी विद्यालय के नाम पंजीकृत करवाई। सभी 27 नाली जमीन की रजिस्ट्री का खर्चा भी ग्रामीणों ने जन सहयोग से वहन किया था।
संकुल स्तरीय खेलकूद का होता है आयोजन
बागेश्वर। प्रधानाचार्य नेगी ने बताया कि विद्यालय के मैदान में संकुल स्तरीय खेलकूद कराए जाते हैं। पूर्व में मैदान असमतल था, जिससे कुछ परेशानी होती थी। अब मोहित के सहयोग से मैदान समतल और चौड़ा हो गया है। स्कूल के 460 छात्र-छात्राओं के अलावा क्षेत्र के युवाओं को भी खेलकूद और सेना-पुलिस की भर्ती तैयारी के लिए इसका लाभ मिलेगा।
मोहित ने शिक्षा की महत्ता को सही मायनों में साकार किया है। अमस्यारी के ग्रामीणों का भी शिक्षा के प्रति लगाव सराहनीय है। ऐसे कार्य समाज को प्रेरित करने और शिक्षा व बच्चों के विकास में मददगार होंगे।
गजेंद्र सिंह सौन, सीईओ बागेश्वर