बागेश्वर के खोलियागांव में भूस्खलन से खतरे में आया छुरमल देवता का मंदिर। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर/गरुड़। बागेश्वर जिले के ज्वाणास्टेट, पिंगलो, गनीगांव, दुदिला और जखेड़ा में छह आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गए। खोलियागांव में भूस्खलन से छुरमल देवता का मंदिर खतरे की जद में आ गया है। जिले में पांच सड़कों पर यातायात अवरुद्ध होने से करीब 15 हजार की आबादी के लिए दिक्कत पैदा हो गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को गरुड़ के दुदिला में गोपाल राम पुत्र दल राम का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। जखेड़ा निवासी प्रदीप कुमार पुत्र जमन राम का मकान और गोशाला क्षतिग्रस्त गया। काफलीगैर तहसील के बोहाला में कंकरीट मार्ग क्षतिग्रस्त होने से आवागमन में दिक्कत हो रही है। खोलियागांव में भूस्खलन होने से छुरमल देवता के मंदिर के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
गरुड़ में बारिश के कारण गोमती घाटी में ज्वाणास्टेट निवासी कुंदन नाथ, पिंगलों निवासी जय लाल, लाहुरघाटी में गनीगांव के दलीप सिंह और नंदन सिंह के मकान भी टूट गए हैं। प्रभावितों ने अन्यत्र शरण ली है। मकान टूटने से आये मलबे में दबकर एक बछिया की मौत हो गई। जखेड़ा के प्रधान ईश्वर परिवार ने बताया कि लाहुरघाटी के नैकानाखुमटिया, सुराग, भगदानू और जखेड़ा में संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पटवारी किशोर कांडपाल, ब्लॉक प्रमुख हेमा बिष्ट और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष इंद्र सिंह बिष्ट ने प्रभावितों को मदद करने का भरोसा दिया है। एसडीएम जयवर्धन शर्मा ने लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है।
18 जुलाई से बंद कपकोट-कर्मी सड़क पर शुक्रवार को भी यातायात बहाल नहीं हुआ। गरुड़-द्यौनाई, बागेश्वर-दफौट और बघर सड़क मलबा आने से बंद है। कंधार-सिरमोली-लोहागड़ी सड़क गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाधित है।