बागेश्वर। कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग 23 दिन बाद भी नहीं खुल सका है। यातायात सुचारु नहीं हो पाया है। पिछले दिनों डीएम ने सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर यथाशीघ्र यातायात सुचारु करवाने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद विभाग ने आनन-फानन लोहे के गार्डर लगाकर हल्के वाहनों के लिए सड़क खोली, हालांकि इस पर वाहन चलाना जोखिम भरा है। ग्रामीण सात किमी पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। गांव की करीब तीन हजार की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कपकोट से कर्मी की दूरी 18 किमी है। क्षेत्र में 10 जुलाई को भारी बारिश के दौरान इसी मार्ग पर स्थित सापुली गधेरे में बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था।
तब से इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। सड़क बंद होने के कारण गांव में खाद्यान्न और जरूरी वस्तुओं का संकट गहराने लगा है। गांव में चल रहे निर्माण कार्यों के लिए सीमेंट, सरिया, ईट आदि ले जाने में परेशानी हो रही है।
इससे कई सरकारी और निजी निर्माण कार्य प्रभावित हो गए हैं। बीमार लोगों को अस्पताल तक लाना भी भारी पड़ रहा है। गांव में संचार सुविधा भी बदहाल है। गांव का टूजी मोबाइल टावर अधिकांश समय खराब रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश से क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। चार पैदल पुलिया भी गधेरे में बह गई है। गांव के पैदल रास्ते भी टूट गए हैं। सड़क बंद होने के कारण कर्मी, दोबाड़, कर्मी तोली, सापुली, गुठण तोक के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
अतिरिक्त दूरी तय कर रहे पिंडर घाटी के वाहन
बागेश्वर। कर्मी जाने के लिए कपकोट से दो मार्ग बने हैं। कपकोट-कर्मी मार्ग गांव से होकर पिंडर घाटी के गांवों को जोड़ता है। यह मार्ग पुलिया ध्वस्त होने से बंद है। दूसरा मार्ग भराड़ी से सौंग-रिखाड़ी होकर पिंडर घाटी को जोड़ता है। इस मोटर मार्ग से कर्मी के लिए लिंक सड़क बनी है, लेकिन यहां से आने-जाने के लिए भराड़ी से कर्मी तक 43 किमी की यात्रा करनी पड़ती है।
यह सड़क भी मलबा आने से अक्सर बंद रहती है। वहीं पिंडर घाटी के बदियाकोट, सोराग, खाती, वाछम, तीख, डौला, किलपारा आने-जाने वाले वाहनों को भी कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग बंद होने से अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इस कारण ग्रामीणों पर अतिरिक्त किराये का बोझ भी पड़ रहा है।
एक दर्जन अन्य मोटर मार्गों पर भी ठप है यातायात
बागेश्वर। जिले में रुक-रुक कर हो रही मानसूनी बारिश का सबसे अधिक असर मोटर मार्गों पर पड़ रहा है। रविवार को भूस्खलन, मलबा गिरने और नदी के कटाव से 12 मोटर मार्गों पर यातायात ठप रहा। सड़कों के बंद होने से करीब 35 हजार की आबादी को परेशानी हो रही है।
रविवार को बागेश्वर-दफौट, असों-बसकूना, कपकोट-पिंडारी, कठपुड़ियाछीना-सिया, मुनार बैंड-सूपी, रिखाड़ी-वाछम और खड़लेख-भनार मोटर मार्ग भूस्खलन के कारण मलबा आने से बंद हो गए। कंधार-सिरमोली-मोटर मार्ग में नदी के तेज बहाव के कारण 21 अगस्त से यातायात ठप है। बिजौरीझाल-ओखलसों और धरमघर-माजखेत सड़क शनिवार से बंद हैं। बघर मोटर मार्ग भी मलबा आने के कारण 29 जुुलाई से बंद है।