बागेश्वर के धरमघर-माजखेत सड़क के किनारे लावारिस हालत में पड़े कोलतार के ड्रम। संवाद न्यूज एजेंस?
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बागेश्वर/धरमघर। जिले में पीएमजीएसवाई की सड़कों के निर्माण पर अक्सर सवाल खड़े होते हैं। सड़कों पर बजट स्वीकृत होने के बाद भी वर्षों तक डामरीकरण नहीं किया जाता और सुरक्षा दीवार नहीं लगाई जाती। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण धरमघर-माजखेत सड़क है। इस सड़क पर छह साल पहले डामर हो जाना चाहिए था लेकिन आज तक नहीं हुआ है। डामरीकरण के लिए लाए गए डामर के ड्रम लावारिस हालत में सड़क के किनारे पड़े हैं।
डामर के करीब 50 ड्रम सड़क किनारे लुड़के पड़े हैं। 18 किमी लंबी सड़क के बमुश्किल तीन किमी में डामर हुआ है। क्षेत्र के लोग पीएमजीएसवाई कपकोट डिवीजन के अभियंताओं के साथ ही ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांग के साथ ही सड़क के अधूरे काम पूरे करने की मांग कर रहे हैं।
धरमधर-माजखेत सड़क का काम अधूरा छोड़ने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी। नया अनुबंध करने के साथ ही सड़क का काम पूरा कराया जाएगा।
अनिल कुमार ईई पीएमजीएसवाई डिवीजन कपकोट