बागेश्वर। जिले में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश का कहर सड़कों पर टूट रहा है। जिले की नौ सड़कों पर भूस्खलन और मलबा आने से यातायात ठप है। बारिश से दो आवासीय मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
सोमवार रात कपकोट क्षेत्र में 25 मिमी बारिश हुई। गरुड़ में पांच और बागेश्वर विकासखंड क्षेत्र में दो मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश से काफलीगैर तहसील क्षेत्र के भटखोला निवासी हेम चंद्र पुत्र गौरी राम और बागेश्वर तहसील क्षेत्र के अमसरकोट निवासी नंदन सिंह पुत्र हरक सिंह का आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। कपकोट के मिकिलाखलपट्टा में भारी बारिश के कारण उफनाए गधेरे में ग्रामीण भागीचंद्र का बैल बह गया।
मंगलवार सुबह जिले की 12 सड़कों पर यातायात ठप था। सभी सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई। हालांकि शाम तक भानी-हरसिंग्याबगड़, कपकोट-गैरखेत और सनेती-करुली सड़क पर ही यातायात सुचारु हो सका। वर्तमान में असों-बसकूना, सुंदिल-जुनायल, रिखाड़ी-वाछम, धरमघर-माजखेत, चीराबगड़-पोथिंग, सरन-बघर, तोली, बड़ी पन्याली और लीली मोटर मार्ग पर यातायात बाधित है। सड़कों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पेयजल-बिजली संकट ने बढ़ाई परेशानी
बागेश्वर। 29 जून को मानसून सीजन की पहली बारिश में क्षतिग्रस्त कई पेयजल लाइनों की मरम्मत अब तक नहीं हो सकी है। नगर के जखेड़ा पेयजल योजना की मरम्मत का काम चल रहा है। पेयजल लाइन के टूटने से कठायतबाड़ा, ठाकुरद्वारा, चौरासी, बाजार क्षेत्र, अड़ौली आदि स्थानों पर लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। कपकोट की नगरीय पेयजल योजना, काफली कमेड़ा, पोलिंग, शामा ग्राम समूह, नामतीचेटाबगड़ सहित कई ग्रामीण पेयजल योजनाओं से अस्थायी व्यवस्था कर लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। बारिश से क्षतिग्रस्त अधिकतर बिजली लाइनों को दुरुस्त किया जा चुका है लेकिन लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रात के समय भी कई बार बिजली कट रही है।
आपदा में क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की मरम्मत का कार्य पूरा हो गया है। कुछ पेयजल योजनाओं पर अब भी कार्य चल रहा है। लगातार हो रही बारिश से सड़कों पर यातायात बाधित हो रहा है। जेसीबी संवेदनशील स्थानों पर तैनात है और सड़कों के बंद होते ही मलबा हटाने का काम शुरू किया जा रहा है।
शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बागेश्वर