बागेश्वर के सरयू संगम तट पर श्राद्ध तर्पण करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। नवमी तिथि पर पितरों का श्राद्ध करने के लिए सरयू तट पर लोगों की भीड़ रही। लोगों ने सरयू के पवित्र जल में स्नान कर संगम किनारे बने घाट पर पितरों का श्राद्ध किया। पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ श्राद्ध और तर्पण संपन्न करवाए। नवमी तिथि को माता का श्राद्ध किया जाता है।
वहीं पिता के श्राद्ध के लिए अधिकांश लोग अष्टमी तिथि को ही चुनते हैं। अधिक संख्या में श्राद्ध होने के कारण नगर क्षेत्र के अधिकांश पंडित सरयू तट पर श्राद्ध करवाते हैं। इसमें एक साथ कई यजमानों का श्राद्ध संपन्न कराया जाता है। पंडित महेश चंद्र भट्ट ने बताया कि नवमी पर माता के श्राद्ध को मुख्य माना जाता है। अधिकतर लोग सरयू तट पर श्राद्ध कराने दूरदराज से आते हैं। सरयू के पवित्र जल में स्नान कर पिंडदान और श्राद्ध करने का भी विशेष महत्व होता है।