बागेश्वर। स्थानीय जिला अस्पताल के कई डॉक्टरों के एक साथ अवकाश या बैठक में जाने के कारण मंगलवार को वहां इलाज करवाने के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों के खाली कक्ष देखकर मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में मंगलवार को कई डॉक्टरों की कुर्सियां खाली थीं। डॉक्टरों के कमरों में सन्नाटा पसरा था। इलाज करवाने पहुंचे लोग डॉक्टरों के खाली कक्षों में झांकते देखे गए। डॉक्टरों के मौजूद न होने से लोग बगैर इलाज कराए घरों को लौट गए।
करीब तीन लाख की आबादी के इलाज के लिए खोले गए अस्पताल से दोपहर 12 बजे तक अधिकतर मरीज लौट चुके थे। इस अव्यवस्था से मरीजों में नाराजगी थी।
मरीजों का कहना था कि अक्सर ओपीडी में तैनात डॉक्टर अपनी सीट पर नहीं बैठते। सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल भरड़ा का कहना था कि व्यवस्था बनाने के लिए अधिक डॉक्टरों को एक साथ अवकाश नहीं देना चाहिए।
अस्पताल के सर्जन, गाइनोकॉलोजिस्ट समेत तीन डॉक्टर अवकाश पर हैं। दो डॉक्टर सीएमओ कार्यालय में हुई बैठक में शामिल गए थे। अन्य डॉक्टर अस्पताल में ही थे। डॉक्टरों के अधिकांश समय कक्षों में न बैठने संबंधी शिकायत नहीं मिली है।
- डॉ. विनोद कुमार टम्टा, सीएमएस, जिला अस्पताल, बागेश्वर।
सर्द मौसम में बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े
अल्मोड़ा। पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ने से लोग बुखार और सर्दी, जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में मंगलवार को 254 लोग उपचार करवाने के लिए पहुंचे। इसमें 70 मरीज बुखार और सर्दी, जुकाम से संबंधित थे। इधर, बेस अस्पताल में 187 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। यहां 40 लोगों को बुखार और सर्दी की शिकायत थी, अन्य मरीज कई बीमारियों का उपचार करवाने के लिए इन अस्पतालों में पहुंचे।
इन दिनों पहाड़ों में कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है हालांकि दिन में धूप खिलने से लोगों को थोड़ा राहत मिल रही है, लेकिन सुबह, शाम काफी ठंड पड़ रही है। अस्पतालों के अधिकारियों के मुताबिक इस बीच मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल की ओपीडी पहले 200 के आसपास थी, अब यह आंकड़ा 250 के पार हो रहा है। बेस अस्पताल में भी ओपीडी में 20 से ज्यादा मरीज बढ़े हैं। सभी मरीजों को ठंड से बचने की सलाह दी जा रही है।