फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दानपुर के किसानों के कीवी उत्पाद की देश की राजधानी तक धूम

विज्ञापन
दानपुर किसान सहकारिता के प्रतिष्ठान में उत्पादों की जानकारी देतीं कोषाध्यक्ष धना कोरंगा। विज्? - फोटो : BAGESHWAR
विज्ञापन
बागेश्वर। पहाड़ में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसके बाद भी कई लोग स्वरोजगार को लाभ का सौदा नहीं मानते हैं। नकारात्मक सोच वाले लोगों को दानपुर किसान एकता सहायक सहकारिता शामा ने आइना दिखाया है। सहकारिता के कीवी उत्पाद देश की राजधानी दिल्ली तक धूम मचा रहे हैं। सहकारिता का सालाना टर्नओवर 15 लाख रुपये से अधिक है।
विज्ञापन

स्वायत्त सहकारिता से शामा क्षेत्र के आठ गांवों के करीब साढ़े तीन सौ किसान जुड़े हुए हैं। यह लोग कीवी फल की खेती से अच्छा लाभ अर्जित कर रहे हैं। कीवी से बने जूस, जैम, जैली, कैंडी, अचार, चटनी की देश की राजधानी दिल्ली में भी बेचा जाता है। शामा के ग्रोथ सेंटर में कीवी के उत्पाद मिल जाते हैं।
कपकोट के साथ ही जिला मुख्यालय में भी सहकारिता के कीवी से बने उत्पादों की अच्छी मांग है। सहकारिता के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह कोरंगा, सचिव भूपेंद्र कोरंगा कोरंगा, कोषाध्यक्ष धना कोरंगा बताते हैं कि सहकारिता समिति कीवी समेत सब्जी, फूलों की खेती कराती है।
विज्ञापन

रिंगाल से उत्पाद बनाए जाते हैं। किसानों के उत्पादों को सहकारिता खरीदती है। किसानों की ओर से उत्पादित फल, सब्जी, मसाला, घी, शहद को प्रोसेसिंग कर बाजार में बेचा जाता है।
सहकारिता की कोषाध्यक्ष धना कोरंगा ने बताया कि इस साल का टर्नओवर 15 लाख से अधिक रहा। आने वाले समय में यह और बढे़गा। बतातीं हैं कि कोरोना काल में विपणन में कुछ दिक्कत आई लेकिन अब हालात सामान्य हो रहे हैं। सहकारिता को उत्तराखंड विकेंद्रीकृत जलागम परियोजना का भरपूर सहयोग मिलता है।
कीवी से बने जूस, जैम, जैली, कैंडी को हाथों-हाथ लेते हैं लोग
बागेश्वर। दानपुर किसान एकता सहायक सहकारिता के कीवी से बने जूस, जैम, जैली, कैंडी को लोग हाथों-हाथ लेते हैं। कीवी का जूस 120 से 140 रुपया लीटर मिलता है। अचार 150 से 350, जैम 150 से 200, चटनी 250 रुपया किलो, कैंडी एक रुपये में बिकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें