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किर्साण महोत्सव के दो की प्रतियोगिताएं संपन्न, 30 किर्साणों के बीच होगा फाइनल मुकाबला

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बागेश्वर। श्रम का सम्मान करने के लिए प्रस्तावित किर्साण महोत्सव के लिए पहले दो चरण की प्रतियोगिताएं हो चुकीं हैं। महोत्सव के फाइनल मुकाबले के लिए अल्मोड़ा और बागेश्वर से 30 महिला और युवा किर्साणों का चयन किया गया है। फाइनल प्रतियोगिता का आयोजन दिसंबर में कौसानी में किया जाएगा। चयनित प्रतिभागी तीन दिवसीय प्रतियोगिता में शामिल होंगी।
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गरुड़ की हितैषी संस्था ने वर्ष 2016 में किर्साण प्रतियोगिता की शुरुआत की थी। महिलाओं के श्रम का सम्मान, खेती, स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने, पलायन को रोकने के लिए शुरू की गई इस प्रतियोगिता का यह छठा सत्र है। इस वर्ष प्रतियोगिता में गरुड़ के पांच गांवों के साथ अल्मोड़ा जिले के पांच गांवों से किर्साणों को भागीदारी का मौका मिला है। इस वर्ष की प्रतियोगिता का पहला चरण जून और जुलाई में हुआ।
पहले चरण में संस्था ने बागेश्वर के चयनित गांव डुमलोट, लौबांज, रतमटियां, लोहारचौंरा, अणां और अल्मोड़ा जिले के चयनित गांव छानी, ल्वेशाल, बिजोरिया, कफाड़ी, रौल्यांना में गांव-गांव जाकर महिलाओं के साथ बैठक कर उन्हें प्रतियोगिता की जानकारी दी गई और प्रतियोगिता के लिए इच्छुक किर्साणों ने पंजीकरण कराया।
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दूसरा चरण अगस्त से पांच सितंबर तक चला। दूसरे चरण में किर्साणों के बीच घास काटने की प्रतियोगिता हुई। दो मिनट में सबसे अधिक और कुशलता से घास काटने वाली महिलाओं से फाइनल प्रतिभागियों का चयन किया गया।
किर्साण महोत्सव के आयोजक किशन सिंह राणा ने बताया कि दो चरण के बाद सभी गांवों से पांच-पांच महिला किर्साणों का चयन फाइनल के लिए हुआ है। फाइनल और ग्रुप चरण के प्रदर्शन के आधार पर सर्वश्रेष्ठ किर्साण का चयन होगा।
तीन दिवसीय होगी फाइनल प्रतियोगिता
बागेश्वर। किर्साण महोत्सव की फाइनल प्रतियोगिता तीन दिनों तक चलेगी। पहले दिन पहाड़ी उत्पादों की प्रदर्शनी लगेगी। विभिन्न विभागों के विषय विशेषज्ञ गोष्ठी के माध्यम से उद्यमियों को जानकारी देंगे। दूसरे दिन स्थानीय लोक कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम झोड़ा-चांचरी, भगनौल, जागर, नाटक का मंचन करेंगे।
महिला किर्साणों के बीच जल, जंगल, जमीन, स्वरोजगार पर चर्चा-परिचर्चा होगी। समापन दिवस पर कौसानी बाजार से अनासक्ति आश्रम तक पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल, नगाड़े, तुरही की धुन पर महिला शक्ति के नारों के साथ रैली निकाल पुरस्कार वितरण किया जाएगा।
कई परीक्षणों के बाद चुने जाएंगे विजेता
बागेश्वर। किर्साण महोत्सव का विजेता बनने के लिए प्रतिभागियों को कई परीक्षणों से गुजरना होगा। प्रतियोगिता के निर्णायक महिला किर्साणों को घास कटाई, पशुपालन, स्वच्छता, परिवेश और पर्यावरण संबंधी प्रश्नोत्तर के आधार पर विजेता का चयन करेंगे।
फाइनल के पहले तीन प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया जाएगा। अन्य प्रतिभागियों को भी संस्था की ओर से प्रशस्ति पत्र और शॉल प्रदान किया जाएगा।
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