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महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में निकाली भव्य कलश यात्रा

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बागेश्वर के चौंरा में भागवत के शुभारंभ पर कलश यात्रा निकालतीं महिलाएं। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। पुंगरघाटी के रामलीला मैदान चौंरा में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो गया है। कथा से पूर्व महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में कलशयात्रा निकाली। ढोल-नगाड़ों की थाम और जयकारे के बीच निकाली गई यात्रा में भक्तों ने उत्साह के साथ भागीदारी की। कथा का समापन नौ मार्च को पूर्णाहुति और भंडारे के साथ होगा।
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चौंरा, डुंगरी, पल्सों, अनगड़ी की महिलाएं बृहस्पतिवार सुबह पारंपरिक परिधान में सुसज्जित होकर रामलीला मैदान पहुंचीं। जहां से गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा पुंगर नदी तक गई। महिलाओं ने नदी से कलश में पावन जल भरा और वापस यात्रा कथा स्थल लौटीं। पंडितों ने विधिविधान से पूजा, अर्चना कर कथा का मूल पाठ किया। दोपहर बाद एक बजे से व्यास स्वरूप नमन कृष्ण महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा का सार बताया। ग्रामीणों ने सत्य और पुण्य की राह पर चलने और सदैव मानव हित के कार्यों में जुटने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि आठ मार्च तक रोजाना दोपहर एक से शाम चार बजे तक कथा प्रवचन होंगे। कथा के बाद आयोजकों ने प्रसाद भी बांटा।
चिरपतकोट के मंदिर में महारुद्राभिषेक
कपकोट (बागेश्वर)। चिरपतकोट के गोरखनाथ, आदिशक्ति भगवती और बाण देवता मंदिर में महारुद्राभिषेक, रुद्री पाठ का आयोजन किया गया। पंडित चंद्रशेखर जोशी ने पाठ किया। विधिवत पूजा, अर्चना कर भगवान को भोग अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने विधिविधान से पूजा की और भगवान गोरखनाथ, बाण देवता, माता भगवती से विश्व में सुख, शांति का आशीर्वाद मांगा। इस मौके पर पुजारी चंद्र सिंह गढ़िया, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कैप्टन हरीश चंद्र सिंह कपकोटी, संयोजक गणेश चंद्र उपाध्याय, सतीश जोशी, नरेंद्र राठौर आदि रहे।
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माता के जयकारों के बीच श्रीमद्भागवत कथा शुरू
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। लखनेश्वरी धाम (खज्यूरा) में गुरुमाता के सानिध्य में संगीतमय श्रीमद्देवी भागवत ज्ञान कथा बृहस्पतिवार से कलश यात्रा के साथ शुरू हुई। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर मां के जयकारों के बीच कीर्तन-भजनों के बीच कलशयात्रा निकाली। लखनेश्वरी धाम से शुरू होकर कलशयात्रा मुख्य मोटर मार्ग से पटलगांव शिव मंदिर-भगोती बाजार होकर जल लेकर पुन: मंदिर प्रांगण में पहुंची। कलश यात्रा में निकटवर्ती ग्राम पंचायतों के लोग भी शामिल रहे।
इससे पूर्व पंडितों ने विधिविधान से पूर्वांग पंचांग कलश स्थापना, गुरुमाता, व्यास पूजन किया। कथा व्यास मोहन चंद्र पाठक ने पहले दिन की कथा वाचन कर मां के विभिन्न रूपों का वर्णन किया। इस दौरान महिलाओं की टोली ने कीर्तन, भजन भी गाए। लखेश्वरी धाम के मुख्य सेवक उमेश रावत ने बताया कि रोजाना गणेश पूजन, सप्तशती पाठ, माता का पूजन, संध्या वंदन, रामायण पाठ के साथ भंडारा भी लगेगा, भागवत कथा का समापन 12 मार्च को पूर्णाहुति भंडारे के साथ होगा। कथा में दयासागर वैला, किशोर रावत, इंद्र सिंह अधिकारी सपरिवार यजमान बने हैं।
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