फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिपं सदस्यों ने सूचना अधिकार अधिनियम से मिली जानकारी को बनाया हथियार

विज्ञापन
बागेश्वर में धरना देते जिपं सदस्य। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
विज्ञापन
बागेश्वर। जिला पंचायत के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे असंतुष्ट जिला पंचायत सदस्यों ने अब सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जिपं से मिली जानकारी को हथियार बनाकर जिला पंचायत पर निशाना साधा है।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व जिपं अध्यक्ष/शामा के जिपं सदस्य हरीश ऐठानी ने 19 अगस्त को जिपं से सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी की प्रति दिखाते हुए कहा है कि जिपं के लोक सूचनाधिकारी ने जिपं पंचायत की नियोजन समेत तमाम समितियों का कार्यकाल एक साल बताया है। सूचना में समितियों का एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर बगैर किसी भेदभाव के एक तिहाई सदस्यों को बदलने की जानकारी दी गई है। इस लिहाज से समितियों का कार्यकाल 6 जनवरी 2021 को समाप्त हो चुका है। उसके पश्चात समितियों के माध्यम से किया गया बजट आवंटन अवैध है। इसकी जांच होनी चाहिए। समितियों का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी पुनर्गठन न करना घोर अनियमितता की श्रेणी में आता है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सत्ता के दबाव में आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पंचायतीराज सचिव और निदेशक को वह लोग अनियमितताओं के मामले में पांच पत्र दे चुके हैं। डीएम और सीडीओ को भी कई पत्र सौंपे जा चुके हैं। कहा कि वह लोग न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
विज्ञापन

जिपं सदस्यों का धरना जारी
बागेश्वर। समान बजट आवंटन, नियुक्तियों में धांधली समेत तमाम मुद्दों को लेकर जिपं सदस्यों का धरना बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। जिला पंचायत सदस्यों ने मांगों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, सुरेंद्र खेतवाल, गोपा धपोला, वंदना ऐठानी, इंदिरा परिहार, रूपा कोरंगा, रेखा देवी, पूजा आर्या धरने पर बैठे। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें