बागेश्वर में पेंशनर आर्गनाईजेशन की बैठक में विचार रखते वक्ता। विज्ञप्ति
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बागेश्वर। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर आर्गनाईजेशन की बैठक में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई गई। संगठन ने पेंशन कटौती पर कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा है कि यह सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हकों पर डाका डालना है। संगठन ने मांगों को लेकर डीएम कार्यालय परिसर में धरना देने का निर्णय लिया है।
बृहस्पतिवार को स्टेशन रोड के एक होटल में संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रताप सिंह गढ़िया की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने पुरानी पेंशन योजना बंद कर सरकारी कर्मचारियों के साथ अन्याय किया है। वर्ष 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों को भी पहले की तरह पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए। डॉ. गढ़िया ने कहा कि इलाज के नाम पर पेंशन से जनवरी 2020 से अनिवार्य कटौती की जा रही है। यह न्याय संगत नहीं है। हाईकोर्ट ने भी बगैर सहमति के कटौती को गलत बताया है। सरकार स्वास्थ्य गोल्डन कार्ड के नाम पर की जा रही कटौती तत्काल बंद करनी चाहिए।
बैठक का संचालन करते हुए संगठन के महामंत्री थान सिंह कनवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना के कारण महंगाई भत्ते किस्तें रोक दी थीं। अब 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते को स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य सरकार महंगाई भत्ते का तत्काल भुगतान करे। बैठक में भुवन चंद्र जोशी को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। संगठन में शामिल हुए मोहन चंद्र उप्रेती और भुवन चंद्र जोशी का स्वागत किया गया। कोरोना काल में दिवंगत संगठन के सदस्य मधन सिंह खेतवाल के निधन पर शोक जताया गया। बैठक में संरक्षक शेर सिंह धपोला, उपाध्यक्ष हयात सिंह मेहता, अर्जुन सिंह बनकोटी समेत तमाम पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।