फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bageshwar News: बागेश्वर में काले धान-काले गेहूं की खेती की तरफ बढ़ रहा है किसानों का रुझान, होगा फायदा

Sun, 15 Oct 2023 09:51 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर

सार

बागेश्वर में  काले गेहूं-काले धान-काले की खेती की तरफ किसानों का रुझान बढ़ रहा हैं। जिले के दो  प्रगतिशील किसानों ने अपने खेतों में इन अनाजों की पैदावार की है। दोनों ने अन्य किसानों को भी नई राह दिखाई है।
विज्ञापन
काले गेहूं की फसल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मणिपुर के काले धान और यूपी, पंजाब, मध्यप्रदेश के काले गेहूं की पैदावार अब बागेश्वर में भी होने लगी है। दोनों अनाज विटामिन आयरन और एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर हैं। काला गेहूं से मधुमेह रोगियों के लिए काफी लाभदायक है तो काला धान आंखों के लिए दावा है।  काला गेहूं शुगर फ्री होता है।

विज्ञापन


जिले के दो  प्रगतिशील किसानों ने अपने खेतों में इन अनाजों की पैदावार की है। दोनों ने अन्य किसानों को भी नई राह दिखाई है।

चौरसों निवासी चंद्रशेखर पांडेय और कनस्यारी निवासी केशर सिंह भरड़ा ने दो साल पहले काले धान की खेती का ट्रायल किया। पंतनगर से काले धान और काले गेहूं के बीज लाकर अपने खेतों में उगाया। प्रयोग सफल रहा तो इन्होंने उत्पादन को बढ़ाने की सोची। पिछले साल और इस बार दोनों किसानों ने करीब पांच क्विंटल काले धान की पैदावार की है।

काले धान की अच्छी पैदावार हो रही है। इसे बाजार में 230 से 250 रुपये किलोग्राम तक बेच रहे हैं। काला गेहूं भी 130 से 150 रुपये किलोग्राम में बिक रहा है।  -चंद्रशेखर पांडेय, प्रगतिशील काश्तकार, चौरसों
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले के किसानों को इन अनाजों की बिक्री के लिए बाजार मिल जाए तो इनकी खेती काफी लाभदायक सिद्ध हो सकती है।  -केशर सिंह भरड़ा, प्रगतिशील काश्तकार

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें