बागेश्वर की धरमघर-माजखेत सड़क पर इस तरह से फेंके गए हैं डामर के ड्रम। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। पीएमजीएसवाई डिविजन कपकोट की लापरवाही की भेंट चढ़ी धरमघर-माजखेत सड़क पर जांच की तलवार लटक गई है। प्रभारी डीएम सीएस इमलाल ने इसका संज्ञान लिया है। उन्होंने सड़क निर्माण की जांच के लिए कमेटी गठित करने की बात कही है। सड़क का काम सात साल बाद भी अधूरा पड़ा है।
2015 में 18.625 किमी लंबी धरमघर-माजखेत सड़क का निर्माण का काम शुरू हुआ था। वर्ष 2016-17 में सड़क का काम पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन आज तक सड़क पर डामर नहीं हो पाया। सड़क पर अनुबंध के अनुसार सुरक्षा दीवार, वायरक्रेट नहीं बने हैं। केवल करीब तीन किमी हिस्से में डामरीकरण हुआ है। डामरीकरण के लिए आए करीब 50 डामर के ड्रम सड़क किनारे जहां-तहां लुड़के पड़े हैं।
सड़क की अनियमितता को पिछले दिनों अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। पीएमजीएसवाई डिवीजन के ईई अनिल कुमार ने ठेकेदार के काम अधूरा छोड़ने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया है कि ठेकेदार का अनुबंध समाप्त कर नए सिरे से अनुबंध किया जाएगा।
धरमघर-माजखेत सड़क का काम अधूरा होने की जानकारी मिली है। सड़क की जानकारी जुटाई जा रही है। अनियमितता सामने आने पर सड़क निर्माण की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी।
-सीएस इमलाल, प्रभारी जिलाधिकारी बागेश्वर