बागेश्वर। जिला अस्पताल का रक्तकोष खून की कमी से जूझ रहा है। 300 यूनिट की क्षमता वाले कोष में मात्र 10 यूनिट खून उपलब्ध है। ए ब्लड ग्रुप की भारी कमी हो रही है। ए पॉजिटिव रक्त न होने के कारण लोगों के ऑपरेशन रुक गए हैं। सबसे अधिक दिक्कत तत्काल जरूरत वाले मरीजों को हो रही है।
रक्तकोष में कई दिनों से ए पॉजिटिव रक्त की कमी बनी हुई है जबकि रोजाना इस ग्रुप की आवश्यकता पड़ रही है। ई-रक्तकोष से मिली जानकारी के अनुसार ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव एक यूनिट, एबी पॉजिटिव एक यूनिट, बी निगेटिव एक यूनिट, बी पॉजिटिव दो यूनिट, ओ पॉजिटिव दो यूनिट और ओ निगेटिव तीन यूनिट कुल 10 यूनिट रक्त उपलब्ध है। जो रक्तकोष की क्षमता का महज तीन प्रतिशत है।
कोष में एबी निगेटिव, ए निगेटिव रक्त एक भी यूनिट नहीं है। दुर्घटना, रक्त की कमी आदि के मामले आने पर रेडक्रॉस, अस्पताल स्टाफ और अन्य संगठनों के लोग सोशल मीडिया पर अपील कर किसी तरह से खून का बंदोबस्त करवा रहे हैं। लोगों का कहना है कि ब्ल्ड बैंक में क्षमता से बहुत कम रक्त उपलब्ध रहता है। समय-समय पर जागरूक युवा और संगठन शिविर लगाकर रक्तदान करते हैं, इसके बावजूद खून की कमी रहना चिंताजनक है।
जरूरतमंद महिला के लिए रविंद्र ने किया रक्तदान
बागेश्वर। जिला अस्पताल में भर्ती एक महिला को ए पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता पड़ने पर बिलौना के युवक ने रक्तदान किया। जिला अस्पताल में भर्ती पुष्पा देवी को एक यूनिट खून की जरूरत थी। उनके तीमारदारों ने ब्लड बैंक से सहायता मांगी, लेकिन वहां ए पॉजिटिव रक्त मौजूद नहीं था। जिसके बाद परिजनों ने आसपास के लोगों से मदद मांगी। जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य नीरज पांडेय को यह जानकारी हुई तो उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपील की। जिसका संज्ञान लेकर बिलौना निवासी युवा रविंद्र बोरा तत्काल रक्तकोष पहुंचे और एक यूनिट रक्तदान किया। उनकी इस पहल की सोसायटी के जिला सचिव आलोक पांडे, जगदीश उपाध्याय जैक, संजय साह जगाती, हरीश दफौटी, मोहउद्दीन अहमद आदि ने सराहना की। (संवाद)
रक्तकोष में ए पॉजिटिव खून की बहुत कमी हो रही है। जरूरत पड़ने पर जनसहयोग और युवाओं की मदद से इंतजाम किया जा रहा है। सामाजिक संगठनों से रक्तदान शिविर लगाने की अपील भी की गई है, ताकि रक्तकोष में जरूरी खून उपलब्ध कराया जा सके। - डॉ. सावित्री, रक्तकोष प्रभारी, बागेश्वर