बागेश्वर के पंतक्वैराली में नष्ट करने के लिए पहुंचाई गई शराब। विज्ञप्ति
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बागेश्वर। कई वर्षों से गोदामों में रखी शराब को नष्ट करने ले गई आबकारी विभाग का पंतक्वैराली के ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। ग्रामीणों ने युवाओं और बच्चों के खेलने वाले स्थान पर शराब नष्ट करने का आरोप लगाया। विरोध के कारण विभाग केवल दो वाहनों में रखी शराब ही नष्ट कर सका। तीन वाहनों की शराब नष्ट नहीं हो सकी।
मंगलवार को आबकारी विभाग गोदामों में बंद पड़ी 1200 पेटी शराब को पांच वाहनों में भरकर पंत क्वैराली के जंगलों में नष्ट करने ले गया। विभागीय कर्मचारियों ने जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढा बनवाया और शराब को नष्ट करने लगे।
इसकी भनक लगने पर ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने कहा कि जिस स्थान पर शराब की बोतलों को तोड़ा जा रहा है, वह गांव के बच्चों और युवाओं के खेलने का स्थान है। विभाग को यहां पर शराब नष्ट नहीं करने दी जाएगी।
जिला आबकारी अधिकारी गोविंद मेहता ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण जिद पर अड़े रहे। विरोध करने तक विभाग ने दो वाहनों में भरी शराब को नष्ट कर दिया था।
शेष तीन वाहनों की शराब को वापस लाना पड़ा। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि एफएलटू के गोदामों में लंबे समय से बंद शराब को नष्ट करने के निर्देश मिले थे।
पंतक्वैराली के समीप वन विभाग की जमीन पर गड्ढा बनाकर सुरक्षित तरीके से शराब नष्ट की जा रही थी। जिसका ग्रामीण विरोध करने लगे। कई बार समझाने पर भी ग्रामीण नहीं माने तो बाकी बचे तीन वाहनों की शराब को वापस लाना पड़ा है। केवल दो वाहनों में रखी शराब की नष्ट की जा सकी।