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आदर्श विद्यालय में शिक्षकों का टोटा, नाराज महिला अभिभावकों ने किया प्रदर्शन

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बागेश्वर। सरकारी शिक्षा में सुधार लाने के लिए सरकारों ने कई विद्यालयों को आदर्श विद्यालय का दर्जा दिया। दावा किया गया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए इन विद्यालयों में सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों को पूरी तरह से झुठला रही है। जिला मुख्यालय के आदर्श प्राथमिक विद्यालय में हिंदी और अंग्रेजी जैसे अहम शिक्षकों के पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी से विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इससे नाराज अभिभावकों ने विद्यालय गेट पर प्रदर्शन कर जल्द शिक्षकों की तैनाती की मांग की।
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महिला अभिभावकों ने मंगलवार को राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय के गेट पर प्रदर्शन शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओें ने कहा कि आदर्श विद्यालय के नाम पर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। विद्यालय में शिक्षकों के पद नहीं भरे जा सके हैं। विद्यालय में कई बार इस समस्या को रखा जा चुका है।
कई लोगों ने निजी विद्यालयों से भी अपने बच्चों के नाम कटवाकर प्राइमरी विद्यालय में दाखिला करवाया था, लेकिन अब उन बच्चों के भविष्य पर भी असर पड़ रहा है। शिक्षकों की जल्द तैनाती न होने पर अभिभावकों ने आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर भागीरथी देवी, बीना देवी, शोभा देवी, बबीता देवी, मोहनी देवी, अनीता देवी, रेखा देवी, हंसी देवी आदि रहे।
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पांच कक्षाओं में 107 बच्चों को पढ़ा रहे तीन शिक्षक
बागेश्वर। आदर्श प्राथमिक विद्यालय में 107 बच्चे पढ़ते हैं। वहां स्वीकृत पांच पदों के सापेक्ष पांच कक्षाओं में तीन शिक्षक तैनात हैं। शिक्षकों के दो पद खाली हैं। एक शिक्षक को दो-दो कक्षाओं की जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है। अंग्रेजी के शिक्षक का पद खाली होने से बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है। संवाद
आदर्श प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जल्द ही आदर्श विद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया पूरी करा दी जाएगी।
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- पद्मेंद्र सकलानी, डीईओ, बेसिक, बागेश्वर।
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