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पुलिस के खिलाफ कांग्रेसियों का हल्ला बोल

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बागेश्वर में एसपी कार्यालय परिसर में धरना देते कांग्रेसी। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता से मारपीट और गालीगलौज से भड़के कांग्रेसियों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मारपीट के आरोपी दरोगा को निलंबित करने की मांग करते हुए कांग्रेसियों ने एसपी कार्यालय में धरना दिया। कांग्रेसियों के तेवर देखकर प्रभारी एसपी विपिन चंद्र पंत ने 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन देकर कांग्रेसियों को शांत कराया। आश्वासन के बाद कांग्रेसियों ने धरना स्थगित कर दिया।
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यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष कवि जोशी के नेतृत्व में एसपी कार्यालय पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ एसपी कार्यालय तक जुलूस निकाला। एसपी कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता पवन नैनवाल मंडलसेरा बाईपास से जिला अस्पताल की ओर आ रहे थे। एसआई भूपेंद्र सिंह मेहता वाहनों को चेक कर रहे थे। सीटबेल्ट नहीं बांधने पर चालान करने की बात कही। एसपी को सौंपे ज्ञापन में इन लोगों ने आरोप लगाया कि इसी दौरान पुलिस ने कार्यकर्ता से गालीगलौज करने के साथ मारपीट की। इन लोगों का कहना है कि पुलिस को मारपीट करने का अधिकार कतई नहीं है। उक्त दरोगा को निलंबित करने की मांग की गई।
धरने पर बैठे कांग्रेसियों ने एसआई का निलंबन होने तक धरने पर बैठने का एलान कर दिया। प्रभारी एसपी विपिन चंद्र पंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से वार्ता की। कांग्रेस नेता लिखित आश्वासन देने पर अड़ गए। प्रभारी एसपी ने 72 घंटे के भीतर इस प्रकरण की जांच और कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद कांग्रेसियों ने 72 घंटे के लिए धरना स्थगित कर दिया। कहा कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। धरने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व दर्जा मंत्री राजेंद्र टंगड़िया, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण, ईश्वर पांडेय, अंकुर उपाध्याय, सुनील पांडे, जीवन पांडे, गोकुल परिहार, रिजवान खान, जयदेव कुमार, धीरज कोरंगा, गणेश कुमार, नरेंद्र कोरंगा, प्रकाश कुमार, खजान खेतवाल, हिमाशु भट्ट, राकेश भट्ट, खालिद हुसैन आदि मौजूद थे।
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शीट बेल्ट नहीं लगाने पर दरोगा ने चालान की बात कही तो मैने दो सौ रुपये उन्हें बढ़ा दिए। चालान काटने के बाद 100 रुपये वापस मांगे तो एसआई भूपेंद्र सिंह मेहता ने मारपीट शुरू कर दी।
पवन नैनवाल, कांग्रेस कार्यकर्ता
शुक्रवार को चेकिंग हेा रही थी। टैक्सी चालक ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। चालक को बताया गया कि सीट बेल्ट नहीं पहनने पर एक हजार रुपये का जुर्माना है। तीन महीने तक लाइसेेंस निरस्त हो सकता है। चालक बहस करने लगा। सौ रुपये का चालान काटा गया। चालान के बाद बहस करने लगा और कहने लगा कि चालान की रकम अपनी जेब में डालते हो। मैंने कहा कि ऐसा है तो वाहन के कागज दो और तय जुर्माना भरो। इस बात पर बहस हुई, मारपीट की बात गलत है।
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भूपेेंद्र सिंह मेहता, एसआई बागेश्वर
प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
विपिन चंद्र पंत प्रभारी पुलिस अधीक्षक बागेश्वर
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