बागेश्वर। जन संघर्ष समिति कठपुड़ियाछीना ने क्षेत्र के विकास के लिए कठपुड़ियाछीना को विकासखंड का दर्जा देने का मामला एक बार फिर उठाया है। संघर्ष समिति ने कठपुड़ियाछीना आईटीआई का भवन बनाने के साथ कक्षाओं का संचालन करने के साथ कई मुद्दे उठाए हैं।
रविवार को कठपुड़ियाछीना में संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि कठपुड़ियाछीना के लोगों की दिक्कतों को देखते हुए विकासखंड का दर्जा देने की मांग लंबे समय से की जा रही है। 40 से अधिक ग्राम पंचायतों वाले इलाके को पृथक विकासखंड का दर्जा देने से विकास के दरवाजे खुलेंगे। लोगों को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ मिलेगा। तय हुआ कि इस संबंध में राज्य और केंद्र सरकार को एक बार फिर पत्र भेजा जाएगा। कहा गया कि इलाके के लोग पृथक विकासखंड का दर्जा मिलने तक चुप नहीं बैठने वाले हैं।
बैठक में आईटीआई के संचालन के साथ ही बोहाला-सेराघाट सड़क का पगना तक विस्तार करने, तरमोली पेयजल योजना के तहत सिमतोली में जनता की जरूरत के अनुसार टैंक बनाने की मांग उठाई गई। बैठक में महेश चंद्र मिश्रा, शंभू दत्त मिश्रा, एनके मिश्रा, देवी दत्त मिश्रा, जगमोहन मेहता, नारायण सिंह मेहता, शंकर मिश्रा, दरवान सिंह, सुरेश भट्, चंद्रशेखर, प्रमोद कुमार आदि मौजूद थे।