बागेश्वर। बागेश्वर के सात रतबे क्षेत्र में शादी के दिन दुल्हन के गायब होने का मामला सामने आया है। ऐन वक्त पर दुल्हन के चले जाने पर माता-पिता के होश उड़े तो छोटी बेटी से रिश्ता तय कर दिया। माता-पिता का यह प्रयास भी सफल नहीं हो पाया। बरात घर के द्वारे पहुंची ही थी कि वन स्टॉप सेंटर और पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम वहां पहुंच गई। लड़की के बालिग न होने के कारण शादी रुकवा दी गई।
शुक्रवार को बागेश्वर के दफौट क्षेत्र की बरात यहां सात रतबे क्षेत्र में आनी थी। सुबह ही दुल्हन घर से कहीं चली गई। दुल्हन का पता न चलने पर मायके के लोगों के हाथपांव फूल गए। परिजनों और उनके रिश्तेदारों ने कई जगह दुल्हन की तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। इस पर मायके वालों ने दूल्हे के परिजनों को वाकये की जानकारी दी। दोनों पक्षों के बीच दुल्हन की छोटी बहन से दूल्हे का विवाह करने की बात तय हुई। बरात दुल्हन के घर पहुंच गई। इस बीच किसी ने लड़की को नाबालिग बताते हुए वन स्टॉप सेंटर को सूचना दे दी। वन स्टॉप सेंटर प्रभारी षष्टी कांडपाल, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम के प्रभारी टीआर बगरेठा, एसआई खष्टी बिष्ट फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। दुल्हन की उम्र की पड़ताल की गई तो उसकी उम्र 17 वर्ष 9 माह की निकली। इस पर वन स्टॉप सेंटर और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाया कि नाबालिग का विवाह करना गैर कानूनी है। इस पर दोनों परिवार लड़की के बालिग होने पर शादी करने पर राजी हो गए। वन स्टॉप सेंटर ने दोनों परिवारों से इसका लिखित आश्वासन लिया। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं है।