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मरीजों को ढोते-ढोते डोली भी देनी लगी जवाब, अब तो गांव की सुध लो सरकार

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बागेश्वर से समडर (बोरबलड़ा) गांव से बीमार को डोली पर लाते लोग। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। राज्य सरकारों के विकास के दावों के बीच आजादी के सात दशक बाद भी कई गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। कपकोट के दूरस्थ गांव बोरलबड़ा का हाल भी कुछ ऐसा ही है। गांव से मरीजों को अस्पताल लाने के लिए 10 किलोमीटर तक डोली पर बैठाकर लाना पड़ता है। मानसून के दौरान उबड़-खाबड़ के साथ चढ़ाई और ढलान वाला पैदल रास्ता जोखिम भरा और जानलेवा हो जाता है। ऐसी स्थिति में मजबूरन ग्रामीणों को बदियाकोट आना पड़ता है।
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शनिवार रात बोरबलड़ा ग्राम पंचायत के समडर तोक निवासी भानुप्रताप सिंह दानू (10) पुत्र लाल सिंह का स्वास्थ्य खराब हो गया। तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी तो उसे तत्काल अस्पताल लाना जरूरी हो गया। रात को ही बच्चे के परिजनों ने आसपास के लोगों से मदद मांगी। रविवार सुबह तड़के ही ग्रामीण एकत्र हुए और बच्चे के लिए आनन-फानन दो लकड़ी के डंडों पर कुर्सी बांधकर डोली का निर्माण किया गया। बच्चे को लेकर जोखिम भरे रास्ते से लोग बदियाकोट के लिए रवाना हुए। करीब चार घंटे की पैदल दूरी तय करके ग्रामीण बदियाकोट पहुंचे, जहां से बालक को वाहन की मदद से करीब 40 किमी दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट लाया गया। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। बीमार बालक के भाई विनोद दानू ने बताया कि उसे लेकर परिजन दिल्ली रवाना हो गए हैं।
वोट मांगने आते हैं नेता फिर नहीं लेता कोई सुध
बागेश्वर। चुनाव के समय अलग-अलग पार्टी के नेता विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं और वोट मांगते हैं, लेकिन जीतने के बाद गांव की सुध लेने की जहमत कोई नहीं उठाता है। यही वजह है कि आज भी गांव से विकास कोसों दूर है। ग्रामीणों ने जल्द गांव तक मोटर मार्ग का निर्माण कराने और अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैैया कराने की मांग की है।
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पलायन करने के लिए मजबूर ग्रामीण
बागेश्वर। बच्चे को अस्पताल लाने में मदद करने वाले ग्रामीण अर्जुन सिंह, विरेंद्र सिंह, नंदन सिंह, दयाल सिंह, कपिल सिंह, जितेंद्र सिंह आदि ने बताया कि गांव के अधिकतर लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पलायन करने के लिए मजबूर हैं। कुछ युवा ही गांव में हैं, जो डोली की मदद से बीमार लोगों को अस्पताल लाने में मदद करते हैं। गांव के लिए सड़क नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूली बच्चों को भी बदियाकोट तक पैदल आना-जाना पड़ता है।
बोरबलड़ा गांव के लिए 25 किमी लंबे मोटर मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। करीब 18 किमी सड़क का कटान पूरा हो गया है। छह किमी कटान होना है। जल्द ही गांव सड़क सुविधा से जुड़ जाएगा।
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बलवंत सिंह भौर्याल, विधायक कपकोट
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