नारी श्रम के सम्मान का प्रतीक किर्साण महोत्सव का दूसरा चरण संपन्न हो गया है। दूसरे चरण में महिलाओं के बीच घास काटने की प्रतियोगिता हुई। इसमें 24 महिलाओं को फाइनल के लिए चुना गया है। 16-17 दिसंबर को होने वाले आठवें किर्साण महोत्सव में फाइनल प्रतियोगिता होगी।
महोत्सव के आयोजक हितैषी संस्था के सचिव डॉ. किशन सिंह राणा ने बताया कि इस साल आयोजन गोमती घाटी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मैगड़ीस्टेट में किया जा रहा है। दो दिनी महोत्सव की शुरूआत शगुनआखर से होगी। लोक गायिका कमला देवी और प्रेमा रावत के अलावा स्थानीय लोक कलाकार इसमें प्रस्तुति देंगे। स्थानीय काश्तकारों को भी उत्पाद के साथ आमंत्रित किया गया है। कृषि विशेषज्ञ और वैज्ञानिक खेेतीबाड़ी की जानकारी देंगे।महोत्सव में जल, जंगल, जमीन से जुड़े मुद्दों, पर्यावरण संरक्षण,जैविक खेती, जानवरों से खेती को बचाने आदि पर भी चर्चा होगी।
आठ गांवों में हुई प्रतियोगिता
किर्साण प्रतियोगिता में मैगड़ीस्टेट, पिंगलो, ज्वाणास्टेट, सिमसाल, सिमखेत, छत्यानी, मजखेत और लोहागढ़ी गांव की महिलाएं भागीदारी कर रही हैं। प्रतियोगिता के पहले चरण में इन गांवों में बैठक कर प्रतिभागियों का चयन किया गया था। दूसरे चरण में नवंबर के अंतिम सप्ताह से चयनित गांवों में घास काटने की प्रतियोगिता कराई गई।
विजेता किर्साण को 15 हजार का नकद पुरस्कार
किर्साण का खिताब जीतने के लिए चयनित महिलाओं से निर्णायक खेतीबाड़ी, पशुपालन से संबंधित प्रश्न पूछेंगे। विजेता किर्साण को 15,000 रुपये, उपविजेता को 12,000 रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाली किर्साण को 10,000 रुपये पुरस्कार में दिए जाएंगे। सभी भागीदारों को सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।