प्रदेश में पैदा हुए राजनीतिक संकट को समाजवादी पार्टी ने उत्तराखंड की सियासत का ‘डार्क फेज’ यानी बुरा समय करार दिया है। रविवार को सपा संसदीय बोर्ड की आपात बैठक में भाजपा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
सपा प्रदेश अध्यक्ष डा. एसएन सचान ने कहा कि राज्य में पहली बार ऐसी स्थिति पैदा हुई है जब बीडीसी सदस्यों की तरफ कांग्रेस विधायकों को होटल में बंधक बनाकर रखा गया। भाजपा सरकार गिराने की राजनीति में माहिर है। इसी तरह वर्ष 1994 में यूपी में सपा की सरकार को गिराया गया था।
बड़ी ‘डील’ के चक्कर में हुआ राजनीतिक संकट पैदा
रविवार को सपा संसदीय बोर्ड की बैठक परेड ग्राउंड स्थित प्रदेश कार्यालय में हुई। बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत को बहुमत सिद्ध करने का 28 मार्च तक समय दिए जाने पर राज्यपाल को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
बोर्ड के सदस्य ने कहा कि राज्यपाल ने संवैधानिक व्यवस्था के तहत कार्रवाई की है। कहा गया कि किसी बड़ी ‘डील’ के चक्कर में राजनीतिक संकट पैदा किया गया है। सचान ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों दल डील करने के माहिर हैं। सारी स्थिति जनता के समक्ष खुल गई है और इसका फायदा सपा को मिलेगा।
बाद में संसदीय बोर्ड ने प्रदेश के राजनीतिक संकट की ताजा स्थिति की रिपोर्ट सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव समेत अन्य आला कमान नेताओं को भेजी। बैठक में बोर्ड के सदस्य डा. रेखा यादव, दलजीत सिंह, सुरेश परिहार, फुरकान अहमद कुरैशी, अवतार सिंह, दुर्गेश प्रसाद आदि रहे।