उत्तराखंड सरकार जल्द ही योगगुरु रामदेव से जुड़े प्रतिष्ठानों पर मुकदमों का शतक बनाने जा रही है। 81 मुकदमे पहले ही दर्ज हैं।
32 नए मुकदमों के लिए सोमवार का इंतजार किया जा रहा है। बताया जा रहा है शासन स्तर पर मुकदमों को लेकर होमवर्क पूरा कर लिया है। ग्रीन सिग्नल मिलते ही स्थानीय प्रशासन मुकदमे दर्ज करेगा।
भूमि विवाद के चलते हुए थे मुकदमे
रामदेव से जुड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ सरकार की ओर से जमीनों से संबंधित 81 मुकदमों की बाबत खुद मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने प्रेस कांफ्रेंस की थी।
उसी दिन यह भी साफ हो गया था कि मुकदमों की सूची इससे कहीं अधिक लंबी है। 32 नए मुकदमों पर मंथन की बात भी उसी दिन सामने आ गई थी। लेकिन, सरकार मुकदमों का शतक टी-20 की तर्ज पर बनाएगी, इसकी उम्मीद कम ही थी।
कागजी कार्रवाई पूरी
स्टांप ड्यूटी से संबंधित 32 मामले मुकदमों की अनुमति के लिए शासन को रेफर किए हैं। शनिवार को प्रशासनिक हल्कों में चर्चा रही कि शासन ने शुक्रवार को ही इन मामलों पर कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है।
शनिवार को शासन में काम नहीं होने के चलते संबंधित आदेश हरिद्वार प्रशासन को नहीं मिल पाया। रविवार को अवकाश है।
संभावना है कि सोमवार को जिला प्रशासन को शासन से निर्देश मिल जाएंगे और उसी दिन 32 और मुकदमे दर्ज कर लिए जाएंगे।
अकेले स्टांप ड्यूटी के होंगे 84 मुकदमे
रामदेव की संस्थाओं पर स्टांप ड्यूटी के 32 नए मुकदमे दर्ज होते हैं तो उन पर स्टांप ड्यूटी के कुल मुकदमों की संख्या 84 हो जाएगी। उन पर पहले से ही कम स्टांप ड्यूटी चुकाने के 52 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
इसके अलावा जमीन खरीद की शर्तों के उल्लंघन के 21 मामले दर्ज हैं। ग्राम सभा की जमीनों पर कब्जे के तीन नए मामले और इसी आरोप में पांच मामले रिवीजन में दर्ज हैं।