विशेष सत्र एवं अपर जिला जज बीडी भारती ने मस्जिद निर्माण का विरोध करने पर दलित परिवार के साथ मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के मामले में एक समुदाय के 13 लोगों को तीन-तीन वर्ष की कैद और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव धारंगपुर में एक समुदाय के लोग गांव में मस्जिद का निर्माण कर रहे थे। गांव के सुखवीर पुत्र रामफल ने जब उनसे मस्जिद निर्माण की परमिशन के बारे में पूछा तो उन्होंने उसके साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। जिससे गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। लेकिन डीएम व एसपी ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था। इसके दो वर्ष सात माह बाद फिर से गांव में मस्जिद निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया।
सुखवीर ने जब उनसे समझौते का उल्लंघन करने की बात कही, तो मामला गरमा गया। दो नंबर 2006 की रात करीब आठ बजे अजीज आदि ने एक राय होकर हाथों में लाठी डंडे, धारदार हथियार और बंदूक लेकर उसके घर धावा बोल दिया। उसे व उसकी पत्नी को चाकू मारकर घायल कर दिया जबकि उन्हें बचाने आए ग्रामीणों को भी पीटा।
थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो एसपी को प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तब कोर्ट के आदेश पर अजीज पुत्र खलील, इरशाद, बाबू, इदरीस पुुत्रगण अजीज, बिंदु पुत्र शराफत, शमीम पुत्र इद्दा, इकबाल पुत्र नत्थवा, रईस पुत्र अली हुसैन, इरफान पुत्र अफजाल, अजीज पुत्र शराफत, सद्दीक, शेर अली व एहसान पुत्र बुद्घा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। मंगलवार को विशेष सत्र एवं अपर जिला जज बीडी भारती ने अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष की कैद और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियुक्तों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।