द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। तहसील के सुदूरवर्ती पड्यूला गांव के जंगल में घास काट रही महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया, लेकिन साथी महिला के साहस के आगे तेंदुए की एक ना चली और वह भाग खड़ा हुआ। अलबत्ता हमले में महिला की पीठ और टांग में गंभीर चोटें आई हैं। घायल महिला का यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार चल रहा है।
घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से अतिशीघ्र तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह पड्यूला गांव की 15 महिलाएं जंगल के निकट हथेलीखोला गधेरे के पास घास काट रही थीं। इसी बीच घात लगाए बैठा तेंदुवा हेमा देवी पत्नी महेश सिंह पर झपट गया।
हेमा देवी के बगल में पूर्व प्रधान रेवती देवी भी घास काट रही थी। तेंदुए को झपटता देख रेवती देवी दराती लेकर तेंदुए से भिड़ने को तैयार हो गई और शोर मचा दिया। घबरा कर तेंदुआ हेमा देवी को छोड़कर भाग गया। कुछ देर में गांव के लोग भी जंगल पहुंच गए। हेमा देवी के पीठ और टांग में तेंदुए ने गहरे जख्म कर दिए हैं।
घायल हेमा देवी को ग्रामीणों ने यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां उपचार कर रहे डा. बदरूल कमर ने बताया कि हेमा देवी के हाथों में भी चोट के निशान हैं। प्राथमिक उपचार कर दिया गया है, फिलहाल हेमा देवी खतरे से बाहर है। सूचना पर मौके पर रेंजर भोपाल सिंह भी पहुंच गए।
उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर शीघ्र पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से तेंदुए का आतंक चल रहा है, लेकिन वन विभाग की तंद्रा आज तक नहीं टूटी है। यदि तेंदुआ शीघ्र नहीं पकड़ा गया तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।