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नवंबर से शहर को साढ़े सात एमएलडी पानी अतिरिक्त मिलने लगेगा

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कुमाऊं मंडल में गहराया पेयजल संकट। - फोटो : water problem14.jpg
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अल्मोड़ा। 25 करोड़ लागत की अल्मोड़ा पेयजल सुदृढ़ीकरण योजना का निर्माण कार्य अक्तूबर अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। योजना का काम पूरा होने के बाद अल्मोड़ा शहर को साढ़े सात एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलने लगेगा। इसके बाद अल्मोड़ा शहर और आसपास के इलाकों को जरूरत के मुताबिक करीब 16 एमएलडी पानी मिल सकेगा।
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अल्मोड़ा शहर और आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों की करीब एक लाख आबादी को प्रतिदिन 16 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन जल संस्था करीब सात से आठ एमलएलडी पानी की ही आपूर्ति कर पा रहा है।
इस कारण लोगों को आए दिन पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। जनता की मांग पर पिछले वर्ष मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा सुधारीकरण पेयजल योजना की घोषणा की थी और 25 करोड़ रुपये उत्तराखंड पेयजल निगम निर्माण शाखा को स्वीकृत किए थे और विभाग को 13 करोड़ रुपये अवमुक्त किए। पांच माह पूर्व पेयजल निगम निर्माण शाखा ने योजना के निर्माण का काम शुरू किया।
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सुदृढ़ीकरण योजना के तहत मटेला से एनटीडी विक्टर मोहन जलाशय 5.5 किमी लंबाई की 14 इंच की मोटी पाइप लाइन बिछाई जानी है। इसके अलावा मटेला में 800 केएल क्षमता का पंप हाउस, 50 केएल क्षमता का ओवर हैड टैंक, 10 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट (फिल्टरेशन प्लांट) स्थापित किया जाना है।
पेयजल निगम निर्माण शाखा के ईई केडी भट्ट ने बताया कि एनटीडी जलाशय से मटेला आरटीओ कार्यालय तक 3.8 किमी हिस्से में पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। बारिश के चलते पाइप लाइन बिछाने में वेल्डिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। बारिश थमने पर पाइप लाइन बिछाकर वेल्डिंग की जा रही है। मटेला में पंप हाउस का भवन बन गया है। ओवरहैड टैंक का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
फिल्टरेशन प्लांट का कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी तीन माह में योजना का काम पूरा कर पेयजल पंपिंग शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुदृढ़ीकरण का काम पूरा होने के बाद साढ़े सात एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलने लगेगा। इससे शहर के आधे हिस्से को पानी की आपूर्ति हो सकी है, जबकि आधे हिस्से को सर्किट हाउस टैंक के पानी की आपूर्ति की जाएगी और काफी हद तक पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।
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