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चौखुटिया सहित दर्जनभर गावों में पेयजल आपूर्ति दूसरे दिन भी ठप

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चौखुटिया में एक हैंडपंप पर पानी भरने को लाइन से खड़े लोग। - फोटो : ALMORA
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। रामगंगा नदी पर अखेती पंप हाउस के दोनों मोटर फुंक जाने से चौखुटिया सहित 12 गांवों में पेयजल आपूर्ति दूसरे दिन भी ठप रही। लोगों का कहना है कि एक माह पूर्व फुंकी मोटर को यदि समय पर ठीक करा लिया गया होता तो पेयजल को लेकर हाहाकार नहीं मचता। इधर, बाहर से आए मैकेनिक की खराब मोटर की मरम्मत का कार्य जारी है। शुक्रवार तक आपूर्ति सुचारु होने की बात कही जा रही है।
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गर्मी, शादी-विवाह व खेती के सीजन में दो दिन से पेयजल आपूर्ति ठप रहने से लोग बेहाल हो गए हैं। लोग कहीं नदी और पुराने जलस्रोतों से तो कहीं हैंडपंप से पानी ढो रहे हैं। जल संस्थान ने बृहस्पतिवार को कुछ स्थानों पर टैंकर से भी पानी की आपूर्ति की थी लेकिन सड़क से दूर रहने वाले अधिकांश लोगों को कोई राहत नहीं मिली। लोगों को सबसे अधिक गुस्सा इस बात को लेकर है कि विभाग ने आखिर एक माह से खराब पड़ी मोटर की मरम्मत क्यों नही कराई। इधर, जल संस्थान के जेई मनोज पांडे ने बताया कि खराब मोटरों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। शुक्रवार तक पेयजल आपूर्ति सुचारु हो जाएगी।
चौखुटिया में पेयजल संकट संबंधित अधिकारियों की घोर लापरवाही का परिणाम है। गांव के प्राकृतिक नौले से पानी लेकर आया, उसी से चाय बनाई है। इस तरह की स्थिति अच्छी नही है।-उमेश मनराल, निवासी नागाड़ दुकानदार चौखुटिया
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पेयजल को लेकर जनता आए दिन परेशान रहती है इसके बावजूद विभागीय अधिकारी गंभीरता से नही लेते हैं। यदि विभाग के पास पहले से ही तैयारी होती तो यह नौबत नही आती। -दीपक कैड़ा, गनाई
गर्मी का मौसम है ऊपर से शादी-विवाह का सीजन चल रहा है परंतु जल संस्थान के अधिकारियों को किसी की कोई परवाह नही है यदि इसी तरह की स्थिति रही तो जनता को मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ेगा। -हेम जोशी, व्यवसायी चौखुटिया
कोट
पेयजल आपूर्ति ठप होने से नगर से लेकर गांव तक हर तरफ हाहाकार मचा है। लोग बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। एक तरफ नदी बहती है दूसरी तरफ लोग पेयजल संकट से गुजर रहे हैं। विभाग को कार्यप्रणाली में सुधार लाना चाहिए। -अज्जू नैनवाल, गनाई
बागेश्वर और कपकोट में गंभीर जल संकट
बागेश्वर/कपकोट। जिला मुख्यालय के साथ ही कपकोट में पीने के पानी का संकट गहरा गया है। लोग जलधारे, हैंडपंपों पर निर्भर हो गए हैं। जल संस्थान पानी उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहा है। जिला मुख्यालय के तहसील रोड, मजियाखेत समेत तमाम स्थानों में कई-कई दिनों तक पानी नहीं आ रहा है। पानी आ भी रहा है तो फोर्स इतना कम है कि दोमंजिले मकानों में भी नहीं चढ़ पा रहा है। पानी न मिलने से लोग परेशान हो गए हैं। लोग जल संस्थान के सामने गुहार लगाते-लगाते थक गए हैं, लेकिन संस्थान पानी की पूर्ति नहीं करा पा रहा है। करीब 30 हजार आबादी वाले जिला मुख्यालय को रोज करीब साढ़े पांच एमएलडी पानी की आवश्यकता है। तीन एमएलडी से भी कम पानी मिल रहा है। उधर, कपकोट के भुरकुटी में एक महीने से पानी का संकट बना हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता महिमन सिंह कपकोटी ने बताया कि पानी की किल्लत इतनी गहरा गई है कि लोग सुबह से शाम तक पानी के ही इंतजाम में लगे रहते हैं। कुछ लोग मोटर चलाकर पानी खींच लेते हैं। अन्य घरों में पानी नहीं पहुंच पाता है। इस पर जल संस्थान का कोई अंकुश नहीं है। इधर, जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी का कहा है कि जिला मुख्यालय को आपूर्ति करने वाली अमसरकोट पेयजल योजना में पानी कम हो गया है। इस कारण दिक्कत आ रही है। संवाद
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