अल्मोड़ा/मौलेखाल। मानदेय बढ़ाने समेत लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर ग्राम प्रधानों का आंदोलन जारी है। शुक्रवार को भी प्रधानों ने सल्ट, भैंसियाछाना, धौलादेवी और लमगड़ा ब्लाक कार्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। इससे कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। बाद में मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की धमकी दी है।
ब्लाक मुख्यालयों में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानों को मात्र 1500 रुपये ही मानदेय मिल रहा है। मानदेय बढ़ाकर दस हजार रुपये किया जाए। कार्यकाल समाप्त होने पर पांच हजार रुपये पेंशन भी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई विभाग ग्राम पंचायतों की सहमति के बगैर ही गांवों में विकास कार्य करते हैं, जबकि इस संबंध में ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में प्रस्ताव पारित कर विकास कार्य करवाए जाने चाहिए, जिसके जनता को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर कई बार आंदोलन कर चुके हैं, पर सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिससे आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
सरकार कर रही अनदेखी
बागेश्वर। विकास खंड कार्यालय परिसर में ग्राम प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष भूपेश ऐठानी ने धरने का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है। कहा कि 10 जुलाई तक ग्राम प्रधानों का विकास खंड कार्यालय में धरना कार्यक्रम है। 12 को प्रदेश के सभी जिलों के विकास भवन कार्यालय में तालाबंदी कर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत कुमार ने ब्लॉक कार्यालय जाकर ग्राम प्रधानों के आंदोलन को समर्थन किया। वहां ब्लॉक अध्यक्ष विनोद टम्टा, महामंत्री ललित मोहन सिंह परिहार, कुलदीप सिंह, पूजा देवी, देवेंद्र सिंह, हरीश प्रसाद सहित अन्य प्रधान मौजूद रहे।
इन मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन
ग्राम प्रधान कॉमन सर्विस सेंटर को प्रति माह 2500 रुपये देने के आदेश को वापस लेने, 15वें वित्त में हो रही कटौती पर रोक लगाने, 73वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को लागू करने, ग्राम प्रधानों का मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार करने, 5000 रुपये पेंशन देने, मनरेगा के कार्य दिवस 100 से बढ़ाकर 200 करने, ग्राम पंचायतों में पंचायतों के जेई और कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति करने, ग्राम विकास और पंचायती विभाग का पूर्व की तरह एकीकरण करने, प्रति वर्ष पांच लाख रुपया पंचायत निधि की व्यवस्था करने, पंचायतों को आपदा मद से प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये देने, विकास कार्यों के लिए खुली बैठक के प्रस्ताव को अनिवार्य करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को जल्द राशि देने और कोरोना को देखते हुए ग्राम पंचायतों का कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
सल्ट - सल्ट ब्लाक कार्यालय में प्रधानों ने दूसरे दिन भी तालाबंदी कर मांगों के समर्थन और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। वहां प्रधान संगठन के अध्यक्ष दीपक नेगी, उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश, रवि दत्त, सुबोध कुमार, नीरू रावत, सीता देवी आदि ने भाग लिया।
भैंसियाछाना - भैंसियाछाना ब्लाक कार्यालय में भी प्रधान संगठन के बैनर तले प्रधानों ने ब्लाक कार्यालय में ताला लगा दिया और प्रदर्शन किया। बाद में मांगों को लेकर बीडीओ माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रधान संगठन अध्यक्ष चंदन सिंह मेहरा, प्रधान खष्टी बल्लभ दीवान मेहता, नवीन रावत, लक्ष्मी देवी, बसंती देवी, नवीन सिंह, राजेंद्र प्रसाद, महेश बोरा, सुनीता बिष्ट, हेमा देवी, धरम सिंह, बलवंत सिंह, प्रेम बिष्ट आदि शामिल रहे।
लमगड़ा - लमगड़ा विकासखंड में भी प्रधानों ने कार्यालय में ताला लगा दिया और जमकर नारेबाजी की। यहां प्रधान संगठन अध्यक्ष राजेंद्र बिलाल, चतुर सिंह फर्त्याल, गोविंद धौनी, दयाल पांडे, पान सिंह बोरा, भगवती तुलेड़ा, बीना बोरा, ललित ढैला, पुष्पा आर्या, रेखा आर्या, नरेंद्र प्रसाद, रमेश बिष्ट, उमेश कुमार आदि मौजूद रहे।
गरुड़ - गरुड़ ग्राम प्रधान संगठन की ब्लॉक इकाई ने ग्राम्य विकास और पंचायत विभाग का एकीकरण करने सहित बारह सूत्री मांगों को लेकर तीसरे दिन भी तालाबंदी कर मौन जुलूस निकाला। संगठन के जिला संरक्षक प्रकाश कोहली के नेतृत्व में प्रधानाें ने विकास खंड कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहां कविता गोस्वामी, गोविंद प्रसाद, हेमा पंत, राजन राम, सबिना बेगम आदि थे।
रानीखेत/द्वाराहाट - ग्राम प्रधान संगठन ताड़ीखेत और द्वाराहाट का 12 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन नौवें दिन जारी है। ताड़ीखेत में अध्यक्ष प्रमिला देवी के अलावा तमाम प्रधान मौजूद रहे। द्वाराहाट अध्यक्ष नरेंद्र अधिकारी, रेखा गोस्वामी, सतीश उपाध्याय, भीम देव, मीनाक्षी देवी आदि ने विरोध जताया।