कांग्रेस ने अल्मोड़ा लोकसभा सीट में एक बार फिर पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा को मैदान में खड़ा कर दिया है। भाजपा पहले ही वर्तमान सांसद अजय टम्टा को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। प्रदीप टम्टा मूल रूप से बागेश्वर जिले के लोब गांव के निवासी हैं।
कांग्रेस ने अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र में एक बार फिर चिर परिचित चेहरे पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा को मैदान में खड़ा कर दिया है। भाजपा पहले ही वर्तमान सांसद अजय टम्टा को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। प्रदीप टम्टा मूल रूप से बागेश्वर जिले के लोब गांव के निवासी हैं। प्रदीप और अजय पिछले चार आम चुनाव से एक दूसरे का सामना कर रहे हैं। वर्ष 2009 का लोकसभा चुनाव दोनों प्रत्याशियों का पहला लोकसभा चुनाव था। भाजपा के साइनिंग इंडिया के नारे के साथ लड़े गए इस चुनाव में विजय कांग्रेस के नए नवेले प्रदीप टम्टा को मिली।
वर्ष 2014 की लोकसभा चुनाव में एक बार फिर दोनों प्रत्याशी आमने-सामने थे, इस बार जीत भाजपा के अजय टम्टा के हाथ लगी और केंद्र में राज्यमंत्री बने। वर्ष 2019 के चुनाव में एक बार फिर अजय टम्टा ने प्रदीप टम्टा को हराया। यह लगातार चौथा अवसर है, जब दोनों जाने पहचाने चेहरे एक बार फिर लोकसभा की दहलीज पार करने के लिए मशक्कत करते दिखेंगे। इस बार परिणाम क्या होगा इसके लिए मतगणना तिथि तक इंतजार करना ही होगा।
प्रदीप का जीवन परिचय और राजनीतिक सफर
16 जून 1958 को बागेश्वर के लोब गांव में जन्म
माता-पार्वती देवी और पिता-गुसाईं राम
शिक्षा- कुमाऊं विश्वविद्यालय से एमए एलएलबी, बीएड
छात्र जीवन में अल्मोड़ा महाविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष रहे
लंबे समय तक संघर्ष वाहिनी से जुड़े रहे
90 के दशक में कांग्रेस से जुड़े और कांग्रेस एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष रहे
वर्ष 2002 के सूबे के पहले विधानसभा चुनाव में अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर सीट से विधायक चुने गए।
2003-04 मेंएनडी तिवारी सरकार में उत्तराखंड उद्योग परिषद के उपाध्यक्ष रहे
2009 में 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए।
साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पर्यावरण एवं वन कमेटी के सदस्य रहे