शहर की महिलाओं में स्तन कैंसर ज्यादा
डॉ एचबी सिंह ने बताया कि शहर की महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले ज्यादा मिल रहे हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में बच्चेदानी का कैंसर मिल रहा है। इसकी वजह यह है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दे रही है।
तीन से चार प्रतिशत बच्चे भी कैंसर के हो रहे शिकार
डॉ एचबी सिंह ने बताया कि तीन से चार प्रतिशत बच्चे भी कैंसर की जद में आ रहे हैं। बच्चों में मसल्स कैंसर और गांठ कैंसर की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में अगर समय रहते लोग टीका लगवा लें तो कई कैंसर से बच्चों को बचाया जा सकता है।
कैंसर होने के कारण
- तंबाकू व उससे बने उत्पादों का सेवन।
- लंबे समय तक शराब का सेवन।
- जंक फूड व फास्ट का अत्यधिक प्रयोग।
- अनुवांशिक दोष।
- शरीर में गांठें बनना।
- बार-बार एक्स-रे करवाना, मोटापा।
कैंसर के लक्षण
- अचानक शरीर का वजन बढ़ना या कम होने लगना।
- कमजोरी व थकान महसूस होना।
- त्वचा के नीचे गांठ बनना या घाव बन जाने के बाद दो से तीन सप्ताह तक ठीक न होना।
- बोलने में दिक्कत महसूस होना।
- बार-बार बुखार आना।
- भूख कम लगना।
डॉक्टरों ने क्या कहा
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ज्यादातर मामले मुंह व गले के कैंसर के आ रहे हैं, इसकी बड़ी वजह तंबाकू और गुटखा है। लोगों को इनसे बचने की जरूरत है। जीवन शैली में बदलाव करके कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से बचा जा सकता है।
- डॉ. राकेश रावत, अध्यक्ष, कैंसर रोग विभाग, बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
कैंसर का इलाज अब काफी आसान हो गया है। अगर सही समय पर मरीज इलाज के लिए आ जाएं तो ऑपरेशन, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी से मरीज ठीक हो जाते हैं। लेकिन, पूर्वांचल में लोग देरी से इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अब कई ऐसी मशीनें भी आ गईं हैं, जिससे बिना ऑपरेशन के ही थेरेपी करके मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
- डॉ. एचबी सिंह, कैंसर रोग विशेषज्ञ, हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल।