प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को लंबे समय से दी जा रही आयरन की गोलियों का सैंपल फेल हो गया है। बच्चों को जो फेरस सल्फेट एंड फोलिक एसिड टैबलेट्स आईपी खिलाई जा रही थी, उसका टेस्ट किया गया जो फेल साबित हुआ है। इधर सीएमओ अल्मोड़ा डॉ. विनीता साह ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में बंटने वाली आइरन की टैबलेट वापस मंगा ली है।
सीएमओ डॉ. विनीता शाह ने बताया कि आयरन की गोलियों में किसी बैच में मानक से कम आयरन पाई गई जिसकी जांच देहरादून स्थित निदेशालय ने करवाई थी। स्वा
स्थ्य निदेशालय के निर्देश पर स्कूलों में बंट रही आयरन की टैबलेट वापस मंगा ली गई है। डीलर सैंपल फेल वाली आयरन की गोलियों को वापस ले जाएगा। लैब टेस्ट में यह टैबलेट मानकों पर खरी नहीं उतरी। अब स्वास्थ्य विभाग बची हुई टैबलेट्स को वापस मंगा रहा है। स्कूली बच्चों में आयरन आदि की कमी पूरी करने के लिए चिकित्सा विभाग उत्तराखंड द्वारा उन्हें समय समय पर आयरन आदि की टैबलेट निशुल्क खिलाई जाती हैं। बताया जा रहा है कि करीब तीन वर्ष से यह दवाई खिलाई जा रही है। अब राजकीय विश्लेषक, राज्य खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला रुद्रपुर में इस दवा का सेंपल फेल हो गया है। अल्मोड़ा जिले में अब तक करीब दो लाख आठ हजार टैबलेट्स वितरित की गई थी।