अल्मोडा में वेतन की मांग पर प्रदर्शन करते परिवहन निगम कर्मचारी
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अल्मोड़ा/रानरीखेत। दो माह के वेतन का भुगतान करने की मांग के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने अल्मोड़ा और रानीखेत में शनिवार को दो घंटा कार्य बहिष्कार कर कार्यशाला में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने वेतन जल्द न मिलने पर 21 फरवरी से पूर्णकालिक कार्य बहिष्कार करने का एलान किया।
इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने शासन पर रोडवेज कर्मचारियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी मुस्तैदी से ड्यूटी करते आ रहे हैं लेकिन सरकार उन्हें वेतन नहीं दे रही है। बिना वेतन के कर्मचारियों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। दिसंबर और जनवरी माह का वेतन फरवरी माह आधे से अधिक बीतने के बाद भी नहीं मिला है। कर्मचारियों को घर का खर्चा चलाना मुश्किल पड़ रहा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारी बच्चों की स्कूल फीस, बैंक ऋण की किश्त, एलआई की किश्तें आदि नहीं भर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कोरोनाकाल में भी कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर डूयूटी की लेकिन अब सरकार उनकी घोर उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा आंदोलन जारी रहेगा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखा मंत्री राम दत्त पपनै ने कहा कि यदि जल्द वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो कर्मचारी 21 फरवरी से पूर्णकालिक कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। वहां पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद टम्टा, संरक्षक रमेश जोशी, प्रांतीय कार्यकारणी सदस्य सुरेश नेगी, रोहित कुमार, दीपक कुमार, राम लाल, आनंदी देवी, भगवती देवी आदि थीं। इधर, रानीखेत में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई बार निगम प्रशासन को पत्र भेज दिए हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जब तक वेतन नहीं मिलता तब तक उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। वहां पर संगठन के शाखाध्यक्ष हीरा सिंह देव, प्रमोद जोशी, नंदन सिंह, मदन सिंह बिष्ट, विपिन तिवारी, आनंद पपने, लाल सिंह फर्त्याल आदि थे।