अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया विकासखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। बुधवार रात मरीज को गंभीर हालत में सीएचसी चौखुटिया लाया गया, लेकिन जीवनरक्षक दवा न मिलने से हायर सेंटर रानीखेत रेफर करना पड़ा, जिससे रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
चौखुटिया बाजार में रेस्टोरेंट संचालित करने वाले लीलाधर कुमयां की हालत बुधवार शाम अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। रात आठ बजे बेहोशी की हालत में उन्हें सीएचसी चौखुटिया लाया गया। चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। ऐसे में परिजनों से बाहर से दवा खरीदकर लाने को कहा लेकिन बाजार में भी वह दवा नहीं मिल पायी। आखिर उन्हें रानीखेत रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में लीलाधर ने दम तोड़ दिया।कारोबारी की मौत के बाद चिकित्सा सेवाओं को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा आक्रोश है। उनका कहना है कि चौखुटिया में सीएचसी तो खोला गया है लेकिन वहां सुविधाएं नहीं हैं। गंभीर रोगियों को रेफर करना अस्पताल की नियति बन गई है। बताया जा रहा है कि लीलाधर के दो छोटे बच्चे हैं।
पूर्व में भी एक व्यक्ति गंवा चुका जान
अस्पताल में बेहतर व्यवस्थाएं न होने से कुछ माह पहले भी एक व्यक्ति यहां अपनी जान से हाथ धो बैठा। हालत गंभीर होने पर रोगी को अस्पताल लाया गया, जहां ऑक्सीजन न मिल पाने के कारण उसे भी रानीखेत रेफर किया गया था, लेकिन उसने भी रास्ते में दम तोड़ दिया था।
चिकित्सकों ने रात को एक पर्चा देकर बाहर से बीपी कम करने का इंजेक्शन मंगाया था, लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सका। इस कारण उन्हें उपचार के लिए रानीखेत ले जाया जा रहा था लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
रोगी की हालत काफी गंभीर थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने रोगी का उपचार करने के पूरे प्रयास किए। चूंकि वह पूर्व से ही हृदय रोगी थे, इसलिए खराब हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।