चौबटिया उद्यान परिषद में आंदोलन करते कार्यकर्ताओं को हटाती पुलिस
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। निदेेशक रोको अभियान के तहत चौबटिया स्थित उद्यान निदेशालय में भी दिन भर हंगामा हुआ। समाजसेवी दीपक करगेती के नेतृत्व में वहां पहुंचे काश्तकारों ने जैसे ही निदेशालय का घेराव किया तो पुलिस ने बल पूर्वक आंदोलनकारियों को निदेशालय परिसर के अंदर से घसीटकर बाहर कर दिया गया। दिन भर गेट के बाहर धरना चला। निदेशक कौसानी गए थे आंदोलनकारी उनका घेराव करने की सोच रहे थे लेकिन वे सीधे देहरादून के लिए रवाना हो गए। आक्रोशित काश्तकारों ने देर शाम गांधी चौक पर उनका पुतला फूंका।
समाजसेवी दीपक करगेती ने कहा कि काश्तकारों और जनहित में उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है। जब निदेशालय यहां है तो उनका देहरादून कैंप कार्यालय में बैठना लाजमी नहीं है। उन्होंने निदेशक के बयानों की भर्त्सना की, कहा कि निदेशक कहते हैं कि 526 करोड़ के प्रोजेक्ट रानीखेत में बैठकर नहीं बनाए जा सकते जबकि आजादी के बाद से ही तमाम निदेशकों ने यहीं से योजनाएं बनाई और उद्यान अच्छी स्थिति में था। उन्होंने कहा कि गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी करने वाले निदेशक को तत्काल बर्खास्त किया जाए और पर्वतीय क्षेत्र के औद्यानिकी विकास करने वाले निदेशक को जिम्मेदारी दी जाए। इससे पहले मंगलवार की सुबह आंदोलनकारियों ने निदेशक का घेराव करने का निर्णय लिया, हालांकि वहां निदेशक नहीं थे तो आंदोलनकारी निदेशालय परिसर के अंदर धरने पर बैठ गए। इसी बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जहां से बलपूर्वक आंदोलनकारियों को परिसर से बाहर कर दिया गया। दिन भर गेट के बाहर धरना चला। लेकिन देर शाम तक भी निदेशक वहां नहीं पहुंचे तो आंदोलनकारियों ने रानीखेत पहुंच गांधी चौक पर निदेशक का पुतला फूंक दिया। संपूर्ण कार्यक्रम में महिपाल बिष्ट, ललित आर्या, महेंद्र पाल, जीवंती करगेती, सरस्वती देवी, मंजू देवी, गणेश सुयाल, हरीश सुयाल, महेंद्र बिष्ट आदि थे।