रानीखेत (अल्मोड़ा)। उपमंडल के एकमात्र राजकीय अस्पताल को जोड़ने वाले मोटर मार्ग की दयनीय हालात पर प्रशासन की नजर अब तक नहीं पहुंची है। गर्भवतियों को लाने और ले जाने में तीमारदारों के पसीने छूट जाते हैं। अस्पताल आम जनमानस से जुड़ा हुआ संस्थान है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग इन गड्ढों में हिचकोले खाकर आते जाते हैं। इसके बावजूद इसे ठीक नहीं किया जा रहा है।
रानीखेत राजकीय अस्पताल से भिकियासैंण, चौखुटिया, द्वाराहाट, सल्ट तहसीलों के साथ ही गैरसैंण क्षेत्र से भी रोगी उपचार को आते हैं। लेकिन अस्पताल को जोड़ने वाले मोटर मार्ग की हालत बद से बदतर बनी हुई है। अस्पताल लाने ले जाने के लिए रोगियों को भारी परेशानी होती हैं, प्रसूता महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए तीमारदारों के पसीने छूट जाते हैं। अभी हाल ही में सीएम ने एक हफ्ते के भीतर प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेश दिए थे। उसके बाद भी स्थिति जस की तस है। अस्पताल के अधीक्षक डा. केके पांडेय ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए विभागीय स्तर पर पत्र व्यवहार किया गया है।
-सड़क की हालत तो खराब है। मैं पहले दिन से ही इसको लेकर गंभीरता से प्रयास कर रहा हूं। सीडीओ को भी बजट के लिए पत्र भेज दिया गया है। शीघ्र सड़क की मरम्मत हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-जय किशन, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत।
-अस्पताल की सड़क की अस्पताल की प्रापर्टी है। जिम्मेदारी भी उन्हीं की होती है। फिर भी देखते हैं उस सड़क की मरम्मत के लिए विभाग अपनी तरफ से क्या कर सकता है। आम जनमानस से जुड़ा मामला है। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का कार्य चल रहा है। -केएस बिष्ट, एई, प्रांतीय खंड लोनिवि।
-छावनी क्षेत्र का अस्पताल है। मैंने विधायक निधि से अस्पताल में एक करोड़ से अधिक की धनराशि के काम कर दिए हैं। क्षेत्रीय सांसद, जिला प्रशासन और छावनी के सभासदों की भी तो शहर के लिए कोई जिम्मेदारी बनती है। इन लोगों को भी आगे आना चाहिए। जिला प्रशासन को तत्काल इस पर सार्थक कार्रवाई करनी चाहिए।-करन माहरा, विधायक, रानीखेत।