ग्रामीण डाक सेवकों ने सात सूत्री मांगों पर हड़ताल शुरू की है। जिले में एक साथ 800 से अधिक डाक सेवकों के हड़ताल पर जाने से गांवों में डाक पहुंचनी मुश्किल हो गई है। ऐसे में डाकघरों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। डाक सेवकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि मांग पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
मंगलवार को जिले भर के डाकघरों में ग्रामीण डाक सेवकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न हिस्सों से डाक सेवक डाक अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और धरना देते हुए प्रदर्शन किया। कहा कि कार्य समय पांच घंटे से बढ़ाकर आठ घंटे करने, कमलेश चंद्र कमेटी की सिफारिशों को लागू करने, सामूहिक बीमा कवरेज की धनराशि को पांच लाख रुपये तक बढ़ाना, विभागीय कर्मचारियों की तरह ग्रेज्युटी को डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने, समान कार्य समान वेतन, डाकघरों में लैपटॉप, ब्राडबैंड की सुविधा देने की लंबे समय से मांग कर रहे हैं।
अब तक सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कहा अब आर-पार की लड़ाई होगी। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं डाक सेवकों की हड़ताल से 200 से अधिक डाकघरों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है, इससे लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। यहां भुवन सिंह नेगी, जय गिरी गोस्वामी, नवीन चंद्र पंत, जगदीश राम, योगेंद्र प्रसाद, माधो सिंह दानू, अनूप सिंह सहित कई डाक सेवक मौजूद रहे।