मछियाबगड़ में क्षतिग्रस्त पुलिया
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गरुड़ (बागेश्वर)। देवनाई घाटी के एक दर्जन से अधिक गांवों को पैदल मार्ग से जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत छह साल बाद भी नहीं हुई है। इस घाटी के ग्रामीण और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर आज भी पैदल आवाजाही के लिए मजबूर हैं।
जिला पंचायत के पूर्व सदस्य हरी राम के आग्रह पर जिला पंचायत बागेश्वर ने 1995 में मछियाबगड़ में शिव मंदिर के पास पैदल पुलिया का निर्माण किया था। पुलिया के बनने से सिलंगतोली,भिटारकोट, बंतोली, थाकला,कोहिना,सिमंपुर, नौगांव, घिरतोली, भतेड़िया,रणकुणी, रिठाड़, सरोली आदि गांवों के ग्रामीण इसी पैदल पुलिया के सहारे अपने गांव पहुंचते थे। क्षेत्र के बच्चे भी इसी पुलिया से राइंका बंतोली पहुंचते थे। पुलिया का एक अपरमेंट 2014 में अतिवृष्टि से टूट गया था। स्थानीय जन प्रतिनिधियों और जिला पंचायत से ग्रामीणों ने कई बार कहा। जिला पंचायत ने आज तक पुलिया का पुनर्निर्माण नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया के निर्माण को लेकर गांव का एक शिष्टमंडल छह जुलाई 2021 को डीएम बागेश्वर से भी मिला। प्रशासन ने भी इस समस्या को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। बृहस्पतिवार ग्रामीणों ने एक और ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा है। ज्ञापन में कैलाश चंद्र कांडपाल ग्राम प्रधान घिरतोली, बिशन नाथ ग्राम प्रधान कफलढूंगा, जीवन कांडपाल, हेमलता डसीला ग्राम प्रधान थाकला, राजेंद डसीला, सुनील कांडपाल, संजय कांडपाल आदि के हस्ताक्षर हैं।