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हड़ताल से नहीं बने लोगों के लाइसेंस, बगैर काम हुए बैरंग लौटे लोग

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धरने में बैठे मिनिस्टीरियल कर्मचारी - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के पदों में कटौती होने से नाराज संभागीय परिवहन कार्यालय अल्मोड़ा के मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को भी संभागीय परिवहन कार्यालय परिसर में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी काम नहीं हुए।
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आंदोलन स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि एक साल पहले परिवहन विभाग ने नया ढांचा स्वीकृत किया था, जिसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के पदों को स्टाफिंग पैर्टन के अनुसार कम दर्शाया गया है। इस संबंध में परिवहन सचिव ने गलती को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे लेकिन अब तक इसमें सुधार नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के पदों को पूर्ववत रखते हुए कर्मचारियों का प्रमोशन किया जाए। कर्मचारियों की हड़ताल से संभागीय परिवहन कार्यालय में लोगों के जरूरी काम नहीं हुए हुए। प्रदर्शन करने वालों में भास्करानंद जोशी, सतेंद्र भोज, रोहित मेलकानी, वसीम अहमद, बलवंत सिंह, रवींद्र आर्य, राजेंद्र सिंह आदि शामिल हैं। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के मंडलीय अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार पाठक, जिलाध्यक्ष पुष्कर सिंह भैसोड़ा, संगठन मंत्री मुकेश जोशी आदि ने धरने को समर्थन दिया।
केस नंबर-01
मुकुल सिंह चिलवाल हल्द्वानी से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने आरटीओ कार्यालय आए थे। यहां आने पर पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं और काम नहीं हो रहा है। कुछ देर इंतजार करने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल पाया और उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि लोग लाइसेंस समेत अन्य कार्यों के लिए दूर-दूर से आते हैं लेकिन काम नहीं होने से उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
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केस नंबर-02
स्थानीय निवासी सुनील आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने आए थे। हड़ताल के चलते उनका लाइसेंस नहीं बन सका। आने जाने में उनके काफी पैसे खर्च हो गए। उन्होंने बताया कि हड़ताल के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के दौरान काम की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
क्या कहते हैं दुकानदार
आरटीओ कार्यालय में काफी संख्या में लोग अपने कामों के लिए आते थे जिस कारण स्थानीय दुकानदारों का भी कारोबार अच्छा चलता था। हड़ताल के चलते लोगों का आरटीओ कार्यालय आना बंद हो गया है। इससे हमारे व्यवसाय भी प्रभावित हुआ है।
- कमलेश ऐरी, कोसी
कोसी क्षेत्र में भोजनालय चलाता हूं। आरटीओ कार्यालय खुलने पर कई लोग मेरे भोजनालय में खाना खाने आते थे जिससे आदमनी अच्छी होती थी। जब से हड़ताल हुई है तब से हमारे व्यवसाय पर भी बुरा असर पड़ा है।
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- राजेंद्र नेगी, कोसी
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